महिलाओं को मजबूत बनाए ये 5 अधिकार, जानें इनके बारे में…

woman rights

महिलाओं को मजबूत बनाए ये 5 अधिकार, इनके बारे में हम सबको जानना चाहिये। आज के दौर में जब महिलाएं हर मोर्चे पर पुरूषों के साथ कदमताल कर रही हैं तो उन्हें समाज से लेकर घर परिवार और ऑफिस में बराबरी का हक मिलने लगा है। फिर भी कुछ कामकाजी महिलाओं को छोड़ दिया जाये तो अधिकांश महिलाएं अपने अधिकारों और खुद से जुड़े कानूनों के बारे में जागरूक नहीं हैं। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे अधिकार जिनके बारे में हर महिला को पता होना चाहिये। क्योंकि यह सारे अधिकार उन्हें समाज में मजबूत या सशक्त बनाने के लिये हैं।

महिलाओं को मजबूत बनाए ज़ीरो एफआईआर अधिकार

अगर किसी महिला के साथ कोई घटना घटती है या वो किसी शोषण का शिकार होती है, तो ज़ीरो एफआईआर रूलिंग के तहत वो किसी भी पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, उसे उसी इलाके के पुलिस स्टेशन में जाने की ज़रूरत नहीं, जहां घटना घटी है. उसकी शिकायत के बाद यह पुलिस की ज़िम्मेदारी है कि वो उसकी शिकायत को सही स्थान पर पहुंचाकर कार्रवाई शुरू करे.

महिलाओं को मजबूत बनाए पहचान गोपनीय रखने का हक़

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कुछ मामलों में महिलाओं को अपनी पहचान गुप्त रखने का अधिकार है. अगर कोई उनकी पहचान को जगज़ाहिर करता है, तो उसके ख़िलाफ़ सज़ा का प्रावधान है. उसे दो साल की सज़ा और जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

आत्मरक्षा का अधिकार

बलात्कार से ख़ुद को बचाने के लिए अगर आत्मरक्षा में कोई महिला किसी की जान भी ले लेती है, तो इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 100 के तहत उस पर मर्डर का चार्ज नहीं लगेगा.

एलीमनी और मेंटेनेंस

हर महिला को आर्थिक सहायता का अधिकार मिला है. जहां पति से अलग रहनेवाली महिला को एलीमनी और मेंटेनेंस का अधिकार है, वहीं बुज़ुर्ग मां को अपने बेटे से मेंटेनेंस का पूरा अधिकार मिला है.

बुज़ुर्ग महिलाओं का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक़ माता-पिता के घर में बच्चे उनकी मर्ज़ी से रह सकते हैं, लेकिन अगर बच्चे माता-पिता का ख़्याल नहीं रखते, तो वो उन्हें अपने घर से निकाल सकते हैं. बुज़ुर्ग महिलाओं के साथ होने वाले तिरस्कार को देखते हुए यह फैसला लिया गया.