हर महिला को जानने चाहिये अपने ये अधिकार

women rights

हर भारतीय महिला को जानने चाहिये अपने कुछ खास अधिकार। देश के हर नागरिक को अपने कुछ अधिकारों की जानकारी होना ज़रूरी है। आपने अक्सर देखा होगा कि सड़क चलते हमें कोई पुलिस वाला डांट-फटकार देता है तो हमें शर्मिंदगी महसूस होती है और गुस्सा भी आता है कि आखिर किस कसूर के लिये हमसे इस तरह का बर्ताब किया जा रहा है। बात सिर्फ राह चलते होने वाले वाक्यों तक सीमित नहीं है। ऑफिस से लेकर घर, सड़क, पब्लिक प्लेस और सफर करने के दौरान भी हमें कई तरह के गलत व्यवहार का सामना करना पड़ता है लेकिन अगर हम अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगे तो कानूनी तौर पर गलत और सही का अंतर समझ पाएंगे और अपने साथ दूसरे नागरिकों को सुरक्षा और जागरूकता देंगे।


गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा…

भारतीय कानून के मुताबिक, देश में कोई भी कंपनी गर्भावस्था के दौरान किसी महिला कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकती. ऐसा करने पर कार्रवाई का प्रावधान है.


टॉयलेट में पानी मुहैया कराना…

भारतीय कानून के मुताबिक देश में सारे होटलों को बिना किसी शुल्क के टॉयलेट में पानी मुहैयया कराना होगा. ऐसा न करना कानूनन अपराध है.


गिरफ्तारी के दौरान अपराध जानने का अधिकार…

किसी भी शख्स को गिरफ्तारी से पहले यह जानने का अधिकार है कि उस पर क्या आरोप लगे हैं. साथ ही यह भी कि किस आधार पर उसे गिरफ्तार किया जा रहा है।

महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी

पुलिस किसी भी महिला को बिना महिला पुलिस कांस्टेबल के हिरासत में नहीं ले सकती। यहां तक कि घर में दबिश देने के दौरान भी महिला कांस्टेबल होनी जरूरी है।

Women rights in india

गिरफ्तारी के लिये

आपको यह जानना ज़रूरी है कि पुलिस किसी भी महिला को सुबह होने से पहले और सूर्यास्त के बाद कानूनन गिरफ्तार नहीं कर सकती। बिना किसी महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के आपके घर में नहीं घुस सकती, आपसे पूछताछ नहीं कर सकती।


पिता की संपत्ति पर हक

पैतृक संपत्ति यानी पुश्तैनी ज़मीन आपकी भी है। यानी बेटी को भी बेटों के बराबर ही हिस्सा मिलता है। भाई के बराबर हिस्सा बहन के लिये भी सुनिश्चित करना होता है। यह अलग बात है कि हमारे समाज में परंपरा बेटों को ही संपत्ति देने की रही है, अब कानूनन बेटी भी पिता की संपत्ति में बराबर की हिस्सेदार है। बेटियों को संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।


रेप पीड़िता को आजादी…

बलात्कार और यौन हिंसा की शिकार महिला को आजादा है कि वो पुलिस स्टेशन जाने के बजाय घर पर ही अपना बयान दर्ज करा सकती है।


ड्राइविंग के दौरान

ज़रूरी नहीं है कि आप गाड़ी या दोपहिया चलाते वक्त सभी असली कागजात साथ रखें। ड्राइविंग करते वक्त लाइसेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट असली होने चाहिए। इंश्योरेंस और कार के RC की फोटो कॉपी भी चल जाएगी। इसके लिए आपका चालान नहीं काटा जा सकता।