वेरिकोज वेन महिलाओं के लिये क्यों हैं ज्यादा खतरनाक, इन कारणों से हो सकता है वेरिकोज अल्सर का खतरा

VaricoseVeins
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वेरिकोज वेन महिलाओं के लिये ज्यादा खतरनाक मानी जाती है। इनसे उनमें कई गंभीर रोगों को खतरा बढ़ जाता है। कई क्षेत्रों में आधुनिक लाइफ स्टाइल के बढ़ते दखल ने कई ऐसे रोगों में इजाफा किया है जिनका पहले कभी हमने नाम तक नहीं सुना था। ऐसी ही एक बीमारी का नाम है वेरिकोज वेन। इस बीमारी में पैरों की नसें मोटी हो जाती है। यदि वेरिकोज वेन का समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो वह वेरिकोज अल्सर में बदल जाता है जो सीधे तौर पर निष्क्रिय लाइफ स्टाइल का दुष्परिणाम है।

वेरिकोज वेन महिलाओं को कैसे करती है प्रभावित, जानें क्या हैं

एक अनुमान के मुताबिक, भारत की लगभग 7 से 9 प्रतिशत आबादी Varicose Vein से पीड़ित है। इस रोग से पीडि़त महिलाओं की तादाद पुरुषों के मुकाबले चार गुना ज्यादा है। कम उम्र की ऐसी युवतियों में भी वेरिकोज वेन पनपने का खतरा बढने लगा है जो तंग जीन्स और ऊंची एडियों वाली जूतियां पहनती हैं। वेरिकोज वेन दोनों टांगों में हो सकता है जहां कई सारे वॉल्व होते हैं और जिनसे हृदय तक रक्त प्रवाह में मदद मिलती है।

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जब ये वॉल्व क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तो टांगों में रक्त जमा होने लगता है जिस वजह से सूजन, दर्द, थकान, बदरंग त्वचा, खुजलाहट और वेरिकोसिटी (नसों में सूजन) जैसी समस्या होती है। यदि समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो टांग में असाध्य अल्सर भी विकसित हो सकता है जो सिर्फ एड़ी के पास ही होता है।

मोटापा भी है इसका कारक

वेरिकोज अल्सर के कारकों में मोटापा, व्यायाम का अभाव, गर्भधारण के दौरान नसों पर असामान्य दबाव, बेतरतीन लाइफ स्टाइल, लंबे समय तक खड़े रहना तथा अधिक देर तक टांग लटकाकर बैठना शामिल है। आजकल कंप्यूटर प्रोफेशनल, रिसेप्शनिस्ट, सिक्योरिटी गार्ड, ट्रैफि क पुलिस, दुकानों तथा डिपार्टमेंटल स्टोर्स में काउंटर पर कार्यरत सेल्समैन, लगातार डेस्क जॉब करने वाले लोगों में वेरिकोज अल्सर के मामले सबसे ज्यादा पाए जाते हैं।