क्यों सुपरफूड कहलाता है सोयाबीन, जानें इसके गुण

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क्यों सुपरफूड सोयाबीन प्रोटीन का सबसे शानदार स्रोत है? यह एक कंपलीट फूड है, जिससे हम दूध, दही और आटा बना सकते हैं। इसे दाल के रूप में पकाकर भी इसका भरपूर प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। इतना ही नहीं सोयाबीन के बीज पीसकर इससे तेल यानी खाना पकाने के लिये कुकिंग ऑयल बनाया जाता है। इसमें जितने आवश्यक अमीनो अम्ल पाए जाते हैं, उतने किसी वनस्पति उत्पाद में नहीं पाए जाते। इसी कारण सोयाबीन को ‘शाकाहारियों का मांसाहार’ भी कहा जाता है। वैसे वसायुक्त प्रोटीन स्रोत के मुकाबले सोयाबीन प्रोटीन का सबसे बेहतर स्रोत है। प्रतिदिन पचास ग्राम सोयाबीन का सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर 3 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

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हाल के अनुसंधानों में स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं कि सोयाबीन में पाया जाने वाला प्रोटीन शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को उसी तरह कम करता है, जिस तरह कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली औषधियां करती हैं। इसके अलावा इसमें मैग्नीज, फॉस्फोरस, कॉपर, आयरन, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, फाइबर, मैग्नीशियम और पोटैशियम के साथ ही विटामिन बी12 भी होता है। 


क्यों सुपरफूड सोयाबीन के लाभ नहीं जानते हम

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दिल के रोगों से बचाव: सोयाबीन में कोलेस्ट्रॉल और वसा की मात्रा काफी कम होती है, इसलिए  इसे हृदय रोगियों के लिए अच्छा माना जाता है। यूरोप में हुए एक शोध के अनुसार आइसोफ्लेवोन धमनियों में रक्त संचार को सही करता है और शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाता है। शोध के अनुसार  प्रतिदिन दो गिलास सोयाबीन का दूध पीने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर में 25 % कमी आ जाती है।  

क्यों सुपरफूड है कैंसर रोधी

प्रोस्टेट कैंसर से बचाव: सोयाबीन में मौजूद आइसोफ्लेवोन्स प्रोस्टेट में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।
मजबूत हड्डियां:  कम उम्र से इसका सेवन  हड्डियों को मजबूत बनाता है। साथ ही हड्डियों से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं।
मधुमेह की रोकथाम: सोयाबीन का सेवन करने वालों के शरीर में ग्लूकोज का स्तर सामान्य रहता है। इसमें मौजूद फाइबर ब्लड ग्लूकोज को कम करने में सहायता करते हैं।

रात में पसीना आना:  मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं में रात को अचानक गर्मी लगने और पसीना आने की समस्या काफी कम हो जाती है। नियमित इसका सेवन करने वाली महिलाओं में रात में पसीना आने की समस्या कम होती है। 
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त: सोयाबीन में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसका सेवन  पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। गेहूं से जिन्हें एलर्जी है, वे इसके आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं। आंतों के लिए भी सोयाबीन अच्छा रहता है।