Why Rahman fought suicidal thoughts? क्यों खुदकुशी करना चाहते थे एआर रहमान?

मशहूर म्यूजिक कम्पोज़र एआर रहमान ने अपनी जिंदगी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। रहमान ने ‘नोटस ऑफ ए ड्रीम: द ऑथोराइज्ड़ बायोग्राफी ऑफ ए आर रहमान’ (  Notes of a Dream: The Authorized Biography of AR Rahman) की लॉन्चिंग के मौके पर बताया कि उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आ चुका है जब वे तनाव और निराशा से जूझ रहे थे। उन्हें लगता था कि उन्हें सिर्फ नाकामयाबी ही मिलेगी और इस वजह से हर दिन उन्हें सुसाइड का ख्याल आता था। इस तरह के ख्याल से वे लंबे अरसे तक जूझते रहे।

आपको बता दें कि इससे पहले भी रहमान ने 2011 में अपनी पहली किताब की लॉन्चिंग के मौके पर भी यह बात कही थी कि वे कभी खुदकुशी के ख्यालों से घिरे रहते थे।

ऑस्कर विजेता ने बताया कि दरअसल उनकी जिन्दगी के सबसे कमजोर वक्त ने ही उन्हें असल मायने में मजबूत बनने में मदद की है। एआर रहमान इस किताब के बारे में बारे में कहते हैं कि यह किताब उनके लिए एक यात्रा रही है। रहमान ( RAHMAN) का कहना है कि उनकी यह किताब उन्हें जीवन के उन कोनों तक लेकर गई है, जो उनके लिए लंबे समय से विशेष रहे हैं।

पिता की मौत ने तोड़ दिया था

एआर रहमान ने बताया कि जब वह 25 साल के थे तब उन्हें आत्महत्या जैसे ख्याल आते थे (Rahman fought suicidal thoughts) क्योंकि कम उम्र में ही मेरे सिर से पिता का साया हट चुका था। इसके अलावा भी काफी कुछ ऐसा था जिसकी वजह से मुझे ऐसे ख्याल आते थे। उन्होंने कहा हममें में से कई लोग ऐसा सोचते हैं कि वो बेहतर नहीं हैं. लेकिन इन सभी ख्यालों नें मुझे बेख़ौफ़ बना दिया।  मृत्यु अटल है, सब कुछ अपनी एक्सपायरी डेट के साथ आते हैं तो हम क्यों इस बात से डरें।

51 वर्षीय संगीतकार की जिन्दगी में तब बदलाव आया जब उन्होंने चेन्नई में अपने घर के पीछे रिकॉर्डिंग स्टूडियो पंचथन रिकॉर्ड इन का निर्माण किया। उन्होंने बताया इससे पहले सब कुछ बहुत ही निष्क्रिय जैसा था। पिता की मृत्यु के दुःख ने मुझे कमजोर बना दिया. उस दौरान मुझे तकरीबन 35 फ़िल्में मिलीं लेकिन मैं उनमें से सिर्फ 2 ही फ़िल्में कर सका।


ऐसे में सभी लोग हैरान थे कि ‘तुम कैसे जीवित रहोगे? तुम्हारे पास सब कुछ तो है, इसे जाने मत दो।’

रहमान कहते हैं,

“उस वक़्त मैं 25 साल का था और ये सब नहीं समझ सका। ये सब कुछ खाने की तरह है अगर आप एक बार में काफी सारा खाना खा लेते हैं तो सुस्ती आने लगती है, इसे हमें धीरे-धीरे प्रयोग में लाना चाहिए ये हमें चुस्त बने रखता है।”

 


रहमान महज 9 साल के थे जब उनके पिता आर के शेखर जो एक फिल्म स्कोर कम्पोजर थे, इस दुनिया को अलविदा कह गए और उनके हाथ में म्यूजिक की कमान थमा गए। रहमान कहते हैं कि 12 से 22 साल की उम्र के दौरान मैंने तकरीबन सब कुछ सीख लिया था और मैं इन सबसे बोर हो चुका था।
(एजेंसी)

Things you may not know about Rahman

* At age five, he was a loner and stayed at home most of the time. He would lock himself into a room and play the harmonium for hours.
* His father R K Shekhar was a composer, arranger and conductor and worked in over a hundred Malayalam films.
* His paternal grandfather was a bhajan singer in a temple in Mylapore, South Chennai.
* He met Saira, his wife on his 28th birthday. His mother and sister Fathima saw her at the shrine of Sufi saint Moti Baba in Chennai.
* Rahman hopes to release an album with all his family members who are into music.
* When alone, he likes to go for walks in The Regent’s Park, London. In India, he spends his alone time in a 5×7 meditation room at his music studio.
* Whenever he dreams of home, he sees his old house at Habibullah Road where he spent 20 years. The house had a leaking roof.
* Him being called the Mozart of Madras isn’t his favourite label and says, “Poor Mozart should be left alone.”

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