क्यों बोइंग 737 विमान पर लगाई जा रही है रोक, जानिये ये खास बातें…

boeing 737 max

बोइंग 737 विमान पर रोक के मामले में डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत में सभी बोइंग 737 मैक्स 8 विमानों का परिचालन बुधवार शाम तक रोक दिया जाएगा। यह फैसला कुछ दिन पहले इथोपियन एअरलाइन्स के एक बोइंग 737 मैक्स 8 विमान के अदीस अबाबा के पास दुर्घटनाग्रस्त होने के मद्देनजर किया गया है। इस हादसे में चार भारतीयों समेत 157 लोगों की मौत हो गई थी। बोइंग बोइंग 737 मैक्स विमान के बारे में जानिये यह सारी बातें..

क्या है बोइंग 737

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बोइंग 737 मैक्स 8 अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी बोइंग कामर्शियल एयरप्लेन्स के बोइंग 737 की सबसे उन्नत विमान सीरिज है। इसकी कीमत करीब 5.7 करोड़ डॉलर यानी करीब 4 अरब रुपये है। इस प्लेन में लगातार 6570 किलोमीटर उड़ने की क्षमता है। ये एक साथ 210 यात्रियों को ले जा सकता है। अगस्त 2011 में इसे लॉन्च किया गया था, लेकिन इसकी पहली उड़ान मई 2016 को भरी गई थी।

स्पाइसजेट समेत इनके पास हैं ये विमान

spicejet
स्पाइसजेट के बेड़े में ऐसे 12 विमान हैं। वहीं, जेट एअरवेज के पास पांच विमान हैं जिनका परिचालन पहले ही बंद किया जा चुका है। बुधवार को दिए गए एक बयान में स्पाइसजेट ने कहा कि स्पाइसजेट ने डीजीसीए के निर्णय के बाद बोइंग 737 मैक्स के परिचालन को निलंबित कर दिया है। अगर इस पर फैसला लिया जाता है तो कंपनियों को नुकसान हो सकता है।

कई देश लगा चुके हैं रोक 
बोइंग 737 मैक्स विमानों के परिचालन पर 50 देश रोक लगा चुके हैं। यूरोपीय संघ एवं कई अन्य देश पहले से ही अपने-अपने हवाई क्षेत्र में 737 मैक्स 8 विमान के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर चुके हैं। इसमें आस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना आदि देश भी शामिल हो गए हैं।

  विवाद क्यों
इथोपियन एयरलाइन के विमान के साथ हुआ हादसे में 180 से अधिक लोग मारे गए जिसके बाद से दुनिया में इस विमान को लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं। इसका मुख्य कारण है कि पिछले साल अक्टूबर में लायन एयरलाइंस का बोइंग मैक्स विमान भी जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हादसे का शिकार हो गया था और 189 लोगों की जान चली गई थी।

किफायती हैं बोइंग 737 विमान
यात्री विमान के क्षेत्र में बोइंग का दबदबा है। बोइंग 737 मैक्स विमान को सबसे बेहतर और किफायती विमान माना जाता है। कंपनी के पास 4,661 विमानों के ऑर्डर है, लेकिन एक के बाद एक दो हादसे होने से कंपनी के विमानों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।