What is Hariyali Teej Vrat Vidhi- 11 अगस्त को है तीज, यह है पूजा की विधि और मुहूर्त

Hariyali Teej Pujan Vidhi
Hariyali Teej Pujan Vidhi

What is Hariyali Teej Vrat Vidhi-इस बार हरियाली तीज 11 अगस्त यानी कल मनाई जाएगी। तीज पर महिलाएं शिव-पार्वती की आराधना करके अपने मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। तीज न सिर्फ सुखी दांपत्य जीवन की कामना का पर्व है, पूरे परिवार के सुखमय जीवन की कामना का भी पर्व है। दांपत्य जीवन अगर खुशहाल है तो पूरा परिवार खुशहाल होगा।

कुवांरी कन्याएं करती हैं शिवजी की पूजा

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नवविवाहित महिलाओं के लिए इस तीज का बहुत खास महत्व होता है। इस दौरान नवविवाहित महिलाएं अपने मायके में आ जाती हैं।ससुराल की ओर से श्रृंगार का सामान और व्रत पूजन की सामग्री भेंट की जाती है। कुवांरी लड़कियां भी यह व्रत करती हैं। वे शिवजी जैसे वर की कामना के लिए इस व्रत को रखती हैं। सभी तीज के व्रत और पूजा-पाठ में पति की लंबी उम्र और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं।

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What is Hariyali Teej Vrat Vidhi-जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हरियाली तीज (Hariyali Teej Subh Muhurat) शुभ मुहूर्त
हरियाली तीज बुधवार, अगस्त 11, 2021 को
तृतीया तिथि प्रारम्भ – अगस्त 10, 2021 को 06:05 पी एम बजे
तृतीया तिथि समाप्त – अगस्त 11, 2021 को 04:53 पी एम बजे
हरियाली तीज (Hariyali Teej 2021) का महत्व

ऐसे करें पूजा

  • – इस दिन साफ-सफाई कर घर को तोरण-मंडप से सजायें. मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, भगवान गणेश और माता पार्वती की प्रतिमा बनाएं और इसे चौकी पर स्थापित करें.
  • – मिट्टी की प्रतिमा बनाने के बाद देवताओं का आह्वान करते हुए षोडशोपचार पूजन करें.
  • – हरियाली तीज व्रत का पूजन रातभर चलता है. इस दौरान महिलाएं जागरण और कीर्तन भी करती हैं.
  • – इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके निर्जला व्रत रखती हैं और पूरी विधि-विधान से मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं.
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What is Hariyali Teej Vrat Vidhi- माता पार्वती ने की थी यह कामना

ऐसी मान्‍यता है कि कठोर तपस्‍या के बाद इसी दिन मां पार्वती का विवाह भगवान शंकर से हुआ था. मां पार्वती की तपस्‍या से प्रसन्‍न होकर भगवान शंकर ने श्रावण मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीया को मां पार्वती से विवाह किया.महिलाएं इस दिन मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा करती हैं और अपने पति के लंबी आयु की कामना करती हैं. व्रत रखती हैं. श्रृंगार कर शिव-पार्वती पूजन किया जाता है.