#BattleForBengal-नंदीग्राम में प्रचार के दौरान चोटिल हुईं ममता, साजिश का आरोप

mamta banerjee

#BattleForBengal- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान कथित रूप से धक्का दिये जाने की वजह से उनके एक पैर में चोट लगी है। घटना शाम को उस वक्त घटी जब बनर्जी रियापारा इलाके में एक मंदिर के बाहर खड़ी थीं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी कार के बाहर खड़ी थी जिसका दरवाजा खुला था। मैं वहां मंदिर में प्रार्थना करने जा रही थी। कुछ लोग मेरी कार के पास आए और दरवाजे को धक्का दिया। कार का दरवाजा मेरे पैर में लग गया।’

#BattleForBengal

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चोट लगने की वजह से उनके पैर में सूजन आ गयी और उन्हें बुखार जैसा लग रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि घटना के समय मौके पर कोई स्थानीय पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था।

पास नहीं थी लोकल पुलिस- ममता

नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहीं बनर्जी ने आरोप लगाया कि घटना के पीछे साजिश है। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं क्योंकि मुख्यमंत्री को जेड-प्लस की सुरक्षा प्राप्त है। बनर्जी को रात्रि विश्राम नंदीग्राम में ही करना था, लेकिन आधिकारिक सूत्रों के अनुसार उन्हें कोलकाता लाया जा रहा है। वह पिछले दो दिन से पूर्ब मेदिनीपुर जिले में प्रचार कर रही थीं। आज दिन में ही उन्होंने हल्दिया में नामांकन पत्र दाखिल किया था।

#BattleForBengal-शुभेन्दु से होगा ममता का मुकाबला

जीत का विश्वास जताते हुए ममता (Mamata Banerjee) ने कहा कि वह नंदीग्राम से कभी खाली हाथ नहीं लौटी हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला पूर्व में अपने सहयोगी और अब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा। बनर्जी ने तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सुव्रत बक्शी की उपस्थिति में हल्दिया सब डिविजनल कार्यालय में नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने दो किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और एक मंदिर में पूजा अर्चना की। नामांकन दाखिल करने में बाद बनर्जी एक और मंदिर गईं।

#BattleForBengal-भवानीपुर और नंदीग्राम दो जगह से मैदान में हैं ममता

उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि मैं नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करूंगी। मैं आसानी से भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ सकती थी। मैं जब जनवरी में नंदीग्राम आई थी तब यहां से कोई विधायक नहीं था क्योंकि तत्कालीन विधायक ने इस्तीफा दे दिया था। मैंने आम लोगों के चेहरे को देखा और यहां से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।”

यह भी पढ़ें: नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी को चुनौती देंगी ममता, अधिकारी ने चुनौती स्वीकार की