New Population Policy- ‘हम 2 हमारे दो’ की राह पर योगी सरकार, ड्राफ्ट तैयार, 11 जून को लागू करने की तैयारी

yogi adityanath
file

New Population Policy- दो से ज्यादा बच्चे होंगे, तो कई सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। मसलन ऐसे लोग सरकारी नौकरी के आवेदन के लिए अपात्र माने जाएंगे, नौकरी में हैं तो कुछ लाभों से वंचित हो जाएंगे। न तो स्थानीय निकाय चुनाव लड़ सकेंगे और सब्सिडी भी नहीं मिलेगी। ये प्रावधान उप्र जनसंख्या विधेयक 2021 के मसौदे में किए गए हैं।  

New Population Policy

उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानूनी उपायों के रास्ते बनने लगे हैं। State Law Commission ने उत्तर प्रदेश जनसंख्या (control, stabilization and well-being) विधेयक-2021 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी नौकरियों में आवेदन से लेकर स्थानीय निकायों में चुनाव लडऩे पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। सरकारी योजनाओं का भी लाभ न दिए जाने का जिक्र है। आयोग ने ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट http://upslc.upsdc.gov.in/ पर अपलोड कर दिया है। 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के घर भोज पर पहुंचे, सियासी गलियारों में चर्चा गर्म, कम हो रही दूरियां

प्रदेश का यूपी जनसंख्या विधेयक 2021 का ड्राफ्ट तैयार

योगी आदित्यनाथ सरकार देश की सर्वाधिक जनसंख्या वाले प्रदेश का यूपी जनसंख्या विधेयक 2021 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसको वेबसाइट पर अपलोड कर जनता से 19 जुलाई तक राय मांगी गई है। उत्तर प्रदेश के राज्य विधि आयोग जनता की राय पर विचार करने के बाद राज्य सरकार को सौंप देगा। इस ड्राफ्ट में उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानूनी उपायों के रास्ते सुझाए गए हैं। दो या कम बच्चे वाले अभिभावकों को तमाम सुविधा दी जा रही है जबकि अधिक बच्चे वाले अभिभावकों को कई सुविधाओं से वंचित करने का प्रावधान है।

New Population Policy-दो से ज्यादा बच्चे होने पर नुकसान

उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग के प्रस्ताव के मुताबिक, दो से ज्यादा बच्चों के माता-पिता सरकारी नौकरी का आवेदन नहीं कर पाएंगे। प्रमोशन का मौका भी नहीं मिल पाएगा। 77 सरकारी योजनाओं व अनुदान का लाभ भी नहीं मिलेगा। साथ ही स्थानीय निकाय चुनाव नहीं लड़ने समेत कई तरह के प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। इसके लागू होने पर एक साल के अंदर सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा।

यह भी पढ़ें:इजराइल की जनसंख्या बराबर मुस्लिम आबादी यहाँ हिरासत में है

देना होगा शपथपत्र

इसके अलावा स्थानीय निकाय में चुने जनप्रतिनिधियों को शपथ पत्र देना पड़ेगा। वह इसका उल्लंघन नहीं करेंगे। कानून लागू होते वक्त उनके दो ही बच्चे हैं, शपथ पत्र देने के बाद अगर तीसरी संतान पैदा करते हैं तो प्रतिनिधि का निर्वाचन रद्द करने का प्रस्ताव है साथ ही चुनाव ना लड़ने का प्रस्ताव भी देना होगा। वहीं, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रमोशन और बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है।