#ToolkitCase-पुलिस ने Zoom से 11 जनवरी को हुई मीटिंग में शामिल लोगों की जानकारी मांगी

toolkit
file

#ToolkitCase में अपनी जांच को तेज करते हुए दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मंच ‘जूम’ (‍Zoom App) को पत्र लिखकर, कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक एक समूह द्वारा 11 जनवरी को आयोजित ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए लोगों के संबंध में जानकारी मांगी है, जबकि जांचकर्ता वित्त पोषण के पहलू की भी जांच कर रहे है। दिल्ली महिला आयोग ने शहर पुलिस को नोटिस भेजकर ‘टूलकिट’ मामले में गिरफ्तार जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को अदालत में पेश करने से पहले कथित तौर पर उनकी पसंद का वकील मुहैया नहीं कराने पर रिपोर्ट तलब की है।

आरोपी दिशा की गिरफ्तारी कानून के मुताबिक हुई- पुलिस

disha
file

हालांकि, पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव ने किसी भी चूक से इनकार किया है। दिल्ली पुलिस के प्रमुख ने पत्रकारों से कहा, ‘ दिशा रवि की गिरफ्तारी कानून के अनुरूप की गई है, जो 22 से 50 वर्षीय की आयु के लोगों के बीच कोई भेदभाव नहीं करता।’ श्रीवास्तव ने कि यह गलत है जब लोग कहते हैं कि 22 वर्षीय कार्यकर्ता की गिरफ्तारी में चूक हुई। सूत्रों ने कहा कि पुलिस के पिछले साल दिसंबर में बनाए गए ‘इंटरनेशनल फार्मर्स स्ट्राइक’ समूह का विवरण लेने के लिए व्हाट्सएप से संपर्क करने की भी संभावना है।

#ToolkitCase के ये हैं आरोपी

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को आरोप लगाया था कि दिशा रवि और मुम्बई की वकील निकिता जैकब और पुणे के इंजीनियर शांतनु ने ‘टूलकिट’ तैयार की और दूसरों के साथ इसे साझा करके भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की। पुलिस ने दावा किया था कि बेंगलुरु से शनिवार को गिरफ्तार की गई दिशा रवि ने जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को टेलीग्राम ऐप के जरिये टूलकिट भेजी थी और उस पर कार्रवाई करने के लिए उसे राजी किया था। ‘टूलकिट’ में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है।

दिल्ली हिंसा से पहले ज़ूम एप पर हुई थी बैठक

पुलिस ने आरोप लगाया है कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा से कुछ दिन पहले ‘जूम’ एप पर आयोजित बैठक में निकिता जैकब और शांतनु सहित 70 लोगों ने हिस्सा लिया था। इस हिंसा में 500 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई थी। पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि शांतनु 20 जनवरी से 27 जनवरी के बीच राष्ट्रीय राजधानी में था लेकिन इस संबंध में विस्तार से नहीं बताया। अधिकारी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एप ‘जूम’ को पत्र लिख, 11 जनवरी को ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए लोगों के संबंध में जानकारी मांगी है।’

#ToolkitCase में ट्रांजिट रिमांड मामला

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को दस्तावेज पर अब तक गूगल की ओर से जांच का जवाब नहीं मिला है। मंगलवार को दिल्ली महिला आयोग ने शहर पुलिस को मामले में दर्ज प्राथमिकी की प्रति देने के साथ-साथ ट्रांजिट रिमांड के लिए स्थानीय अदालत में कथित तौर पर पेश नहीं करने, यहां अदालत में पेश करने के दौरान उनके पंसद का वकील मुहैया नहीं करने की वजह बताने को कहा है। आयोग ने कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है। आयोग ने दिल्ली पुलिस को शुक्रवार तक मांगी गई जानकारी देने को कहा है।