The Second Most Expensive Divorce In India-ये है देश का दूसरा सबसे महंगा तलाक

 26 साल का रिश्ता खत्म कर अलग हुआ मोदी दंपत्ति

highest alimony paid in India

विदेशों में महंगे तलाक की चर्चा अक्सर होती है। चाहे बड़े बिजनेस मैन हों या फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियां, विदेशी तलाक चर्चाएं बटोरते रहे हैं लेकिन हम आपको बताने जा रहे हैं देश के 2 सबसे महंगे तलाक के बारे में ।

26 साल का सफल वैवाहिक जीवन और अचानक रिश्तों में खटास आती है, दंपत्ति अलग होने का फैसला कर लेता है। इसके साथ ही देश भर में चर्चा शुरू हो जाती है देश के दूसरे सबसे महंगे तलाक की। यह रियल लाइफ कहानी गुजरात के एक अधेड़ उम्र कपल की है।

देश भर में इस महंगे तलाक का चर्चा इसलिये भी हो रहा है क्योंकि तलाक लेने वाले दंपत्ति की कंपनी का नाम हर छोटा बड़ा शख्स जानता है। हम बात कर रहे हैं देश की अग्रणी दवा निर्माता कंपनी कैडिला फार्मास्यूटिकल्स के अध्यक्ष सह-प्रबंध निदेशक राजीव मोदी और मुंबई के गरवारे पोलिएस्टर लिमिटेड के मालिक की बेटी मोनिका गरवारे की। दोनों के बीच तलाक की अर्जी को अहमदाबाद की फैमिली कोर्ट ने मंजूरी दे दी। दंपति ने करीब 26 साल के वैवाहिक जीवन के बाद आपसी रजामंदी से तलाक की अर्जी इसी माह दी थी।

कोर्ट में ही चुका दिये 200 करोड़


राजीव मोदी और मोनिका गरवारे के तलाक को फैमिली कोर्ट ने मंगलवार को जैसे ही मंजूरी दी, राजीव ने 200 करोड़ रुपये ( alimony) का ड्राफ्ट मोनिका को थमा दिया। यह अब तक का देश का दूसरा सबसे महंगा तलाक बताया जा रहा है।

 

इससे पहले बॉलीवुड स्टार ऋतिक रोशन ( hritik roshan)  ने अपनी पत्नी सुजैन खान को तलाक के बाद 400 करोड़ रुपए दिए थे। जो अब तक का सबसे महंगा तलाक माना जाता है।


मोनिका के आरोप


बता दें कि मोनिका गरवारे और राजीव मोदी के बीच सबसे पहले विवाद अगस्त 2018 में सामने आया था। इसी साल 30 अगस्त को मोनिका ने अपने पति पर प्रताडऩा और मारपीट का आरोप लगाया और इसकी शिकायत पुलिस में की। उस वक्त मोनिका ने पुलिस को दी शिकायत में राजीव पर व्यभिचार (committing adultery) और जान से मारने की कोशिश (Tried to kill) के आरोप आरोप लगाए थे। हालांकि मामले को सुलझाने की भी लाख कोशिशें हुई.

राजीव ने मोनिका के सामने 200 करोड़ रुपये लेकर तलाक देने की शर्त रखी, जिसके बाद दोनों में इस पर सहमति बन गई और दोनों पक्षों के बीच समझौते के तहत तलाक लेने का फैसला हुआ। राजीव ने बैंक ऑफ बड़ौदा की अंबावाड़ी ब्रांच में एक एस्क्रो अकाउंट खोला और उसमें 200 करोड़ रुपए जमा करा दिए।

फैमिली कोर्ट ने इस केस में जो फैसला सुनाया है उसके मुताबिक, राजीव-मोनिका का 17 साल का बेटा है जो तलाक के बाद अपने पिता के साथ रहेगा। राजीव मोदी और मोनिका की शादी 18 जनवरी 1992 को हुई थी, अगस्त 2018 में झगड़ा बढ़ने पर उन्होंने तलाक के लिए आवेदन कर दिया।

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