आज का पंचांग 28 Feb, Sunday को भैरव जी के दर्शन करें, फायदे ही फायदे होंगे

Sunday को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें। इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है। Sunday के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है।

आदित्य हृदय स्तोत्र : https://www.youtube.com/watch?v=dlhNpCveGeE

Sunday का मंत्र

रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।

Sunday की ज्योतिष गणनना

  • विक्रम संवत् – 2077 शर्वरी संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • शक संवत – 1942,
  • कलि संवत – 5122
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – सौर वसंत ऋतु
  • मास – फागुन माह
  • पक्ष – कृष्ण पक्ष,
  • तिथि – प्रतिपदा – 11ः18 तक, तत्पश्चात द्वितीया ।
  • तिथि का स्वामी – प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव और द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी है ।
  • नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी – 09ः36, तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी
  • नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के देवता भग (धन व ऐश्वर्य के देवता) और स्वामी शुक्र देव जी है।
  • योग – धृति 04ः22 तक तत्पश्चात शूल
  • दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है। यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
  • राहुकाल -सायं दृ 4रू30 से 6रू00 तक (इस काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है)
  • सूर्योदय – प्रातः 06ः35
  • सूर्यास्त – सायं 18ः22
  • अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12ः11 से 12ः57 तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02.29 से 03.15 च्ड तक
  • निशिथ काल – रात 12.08 से 12.58 तक (1 मार्च)
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 06.09 से 06.33 तक
  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05.07 से 05.56 तक (1 मार्च)
  • अमृत काल – रात 01ः01 से 02ः9 तक (1 मार्च)
  • यात्रा शकुन – इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।

आज ये है मंत्र

आज का मंत्र-ॐ घृणिरू सूर्याय नमरू। आज का उपाय-बहते जल में आठ बादाम प्रवाहित करें। वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। पर्व व त्यौहार- फागुन मास आरंभ, गुरु प्रतिपदा, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस। विशेष -प्रतिपदा को कद्दू एवं कूष्माण्ड तथा द्वितीया तिथि को कटेरी के फल का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि और सिद्धिप्रद तिथि मानी जाती है। इसके स्वामी अग्नि देवता हैं और यह तिथि नन्दा नाम से विख्यात है। यह प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज अग्निदेव से धन एवं तेज प्राप्त करने अथवा किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके घी से (ॐ अग्नये नमरू स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।