South Indian Food का जायका है मिलाजुला, तासीर है गर्म

South Indian Food का जायका है मिलाजुला । South Indian Food सुनते ही आपके दिमाग में आता है टेस्टी, क्रंची वडा, डोसा, उपमा, उत्तपम या इडली सांभर। इससे इतर कुछ भी नही। शायद ही आपको यहां के खान-पान की कोई जानकारी हो। खाने के इस सफर में आपको बताएंगे कि असल में साउथ इंडियन फूड है क्या? क्यों हैं ये खास? क्या है इनकी विशिष्ठता?

साउथ इंडिया में शुमार हैं 4 राज्य

साउथ इंडियन फूड का हर जायका मिलजुला है। दक्षिण में शुमार हैं 4 राज्य, कर्नाटक, आंध्रा प्रदेश, तमिलनाडू और केरल। चारों राज्यों का खाने में प्रयुक्त मसाले, छौंकने का तरीका, ठोस आहार और पकाने का तेल सब एक हैं।

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दक्षिण पट्टी के हर राज्य के भोजन में है खूबी

भले ही यहां के खाने में बहुलता में उपयोग ख्रड़े मसाले ;छोटी इलायची, बड़ी इलायची, काली मिर्च, दालचीनी, लौंग और जायफलद्ध, पकाने के लिए नारियल तेल, छौंकने के लिए करी पत्ता, साबुत लाल मिर्च, चने की दाल, सरसो दाना, जायका बढ़ाने वाली नारियल, मूंगफली की चटनी व तरलता देता सांभर खाने को लज्जतदार व अनूठा बनाता है, लेकिन दक्षिण पट्टी का हर राज्य इससे इतर भी भोजन की खूबियों को अपने में संजोए हुआ है।

गर्म तासीर वाला है South Indian Food

भारतीय खाने की विवधता में दक्षिण भारतीय खाने की तासीर गर्म है। यहां पेट भराऊ भोजन है चावल व चावल से बने विविध पकवान। भले ही हर राज्य का खाना अलग-अलग हो, लेकिन हर राज्य में चावल बनता है पेट भराऊ भोजन। लोग इसे सांभर, रसम, सूखी सब्जियां, नाॅन वेज, नारियल चटनी या पोपाडम के साथ खाना पसंद करते हैं।

नारियल की बहुलता

दक्षिण भारत के हर राज्य में खाना पकाने से लेकर तलने तक में नारियल तेल का प्रयोग होता है। यहां रिफाइंड या किसी भी प्रकार के Cooking Oil का इस्तेमाल नहीं के बराबर किया जाता है। दक्षिण भारतीयों का मानना है कि खाने का स्वाद बढ़ाता है नारियल तेल। घी का प्रयोग कुकिंग की बजाय कच्चा खाने में करा जाता है। कहा जाता है कि घी मिलाकर उबले चावल खाने का जायका में वृद्धि होती है।