SKM’s demonstration against Agneepath-रविवार को राष्ट्रव्यापी मुहिम शुरू करेगा किसान मोर्चा

SKM's demonstration against Agneepath
SKM's demonstration against Agneepath

SKM’s demonstration against Agneepath- संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) सेना में भर्ती संबंधी केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ रविवार को एक राष्ट्रव्यापी मुहिम शुरू करेगा। किसान संगठनों का नेतृत्व करने वाले एसकेएम ने कहा कि यह योजना किसान परिवारों के लिए एक ‘‘गंभीर झटका” है, जिनके युवा सशस्त्र बलों का हिस्सा रहे हैं। यह मुहिम सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों के ‘यूनाइटेड फ्रंट’ और विभिन्न युवा संगठनों के सहयोग से शुरू की जाएगी। ‘अग्निपथ’ थलसेना, नौसेना और वायु सेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी एक योजना है, जिसके तहत चार साल के लिए संविदा के आधार पर नियुक्ति का प्रावधान है। योजना की घोषणा 14 जून को की गई थी।

देश के कई हिस्सों में जून में इस योजना के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। आंदोलनकारियों ने इसे वापस लेने की मांग की क्योंकि भर्ती की नयी योजना के तहत 75 प्रतिशत जवान चार साल बाद सेवा से बाहर हो जाएंगे। एसकेएम ने शनिवार को एक बयान में कहा कि अग्निपथ योजना ने ‘‘सशस्त्र बलों में नियमित, स्थायी भर्ती की आजमाई हुई और परखी हुई पद्धति को समाप्त कर दिया है। इसका मतलब होगा कि सशस्त्र बलों के आकार में वर्तमान स्वीकृत संख्या 14 लाख से घटकर मात्र सात लाख हो जाएगी।’
एसकेएम ने कहा, ‘यह किसान परिवारों के लिए एक गंभीर झटका है जिन्होंने अपने युवाओं को सशस्त्र बलों में भेजकर राष्ट्र के लिए योगदान दिया है।’ बयान में कहा गया, प्रस्तावित ‘अखिल भारतीय, सभी वर्ग के तहत भर्ती’ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान जैसे क्षेत्रों की हिस्सेदारी को गंभीर रूप से कम कर देगी, जिन्होंने रेजिमेंट के मनोबल को बढ़ाने के अलावा, पीढ़ियों से सशस्त्र बलों में योगदान दिया है।”

तुरंत करें भर्ती

एसकेएम ने कहा, ‘‘मुहिम की मांग है कि लंबित रिक्तियों (लगभग 1.25 लाख) और मौजूदा वर्ष की रिक्तियों (लगभग 60,000) को नियमित और स्थायी भर्ती की पूर्व की पद्धति के तहत तुरंत भरा जाना चाहिए। पिछले दो साल में भर्ती नहीं होने के मद्देनजर पहले से शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया को आयु-छूट के साथ पूरा किया जाना चाहिए।” बयान में कहा गया, ‘‘अग्निपथ विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी मामले वापस लिए जाने चाहिए और गिरफ्तार युवकों को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। रक्षा क्षेत्र में निजीकरण नहीं होना चाहिए, सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और सशस्त्र बलों के सम्मान और मनोबल की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।’

SKM’s demonstration against Agneepath

‘स्वराज इंडिया’ के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि मुहिम के तहत पहला कदम उठाते हुए सात अगस्त से 14 अगस्त तक ‘जय जवान जय किसान’ सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यादव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘इस मुहिम का लक्ष्य लोगों को विवादास्पद अग्निपथ योजना के विनाशकारी परिणामों के बारे में बताना और लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीकों का इस्तेमाल करके केंद्र पर इसे वापस लेने लिए दबाव डालना है।’

SKM’s demonstration against Agneepath

उन्होंने कहा, ‘यदि (तीन) कृषि कानून क्रूर थे, तो अग्निपथ योजना विनाशकारी है। यदि हमारे किसान और सैनिक संकट में होंगे, तो इससे हमारे देश की रीढ़ की हड्डी टूटने का खतरा है। हमारी चुप्पी सरकार को देश के रक्षकों एवं अन्नदाताओं को नष्ट करने देने का कारण नहीं बन सकती। हमने उन्हें एक बार रोका है, हम उन्हें फिर से रोक सकते हैं।’
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत कुछ प्रमुख कार्यक्रम हरियाणा के जींद जिले, उत्तर प्रदेश के मथुरा और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रविवार को होंगे। इसके अलावा, हरियाणा के रेवाड़ी और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में नौ अगस्त को, इंदौर (मध्य प्रदेश) एवं मेरठ (उत्तर प्रदेश) में 10 अगस्त और पटना में 11 अगस्त को कार्यक्रम होंगे।
यादव ने मांग की कि अग्निपथ योजना को वापस लिया जाना चाहिए और नियमित एवं स्थायी भर्ती की पुरानी व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।