‘पटोला’ ने दिलाई इस पंजाबी सिंगर को पहचान

पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा को कौन नहीं जानता। एक से बढ़कर एख हिट देने वाले गुरू का कहना है कि एक स्‍टूडेंट के जीवन में एक गुरु की बहुत ही अहम जगह होती है, लेकिन मेरे लिये मेरे गुरु हमेशा ही ईश्‍वर रहे हैं। मैं ईश्‍वर पर भरोसा करता हूं, मुझे उन पर विश्‍वास है और मैं अपनी सफलता का श्रेय उन्‍हें देता हूं। मैंने सिंगिंग में कोई भी प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं ली है, लेकिन मैं हमेशा अताउल्‍ला खान ऐसाखेल्‍वी, गुरुदास मान और कई पंजाबी गायकों को सुनते हुए बड़ा हुआ हूं और उनसे प्रेरित भी हुआ हूं।

 


इस इंडस्‍ट्री में आपने अपना सफर कैसे शुरू किया?
एक पंजाबी होने के नाते मेरा झुकाव हिन्‍दी गानों से ज्‍यादा पंजाबी गानों पर था, इसलिये मैंने कई सारे कॉलेज फेस्टिवल में हिस्‍सा लेना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे दर्शकों के लिये परफॉर्म करने लगा। मैं एक उभरता हुआ सिंगर था, लेकिन मैंने अपने कंटेंट खुद तैयार किये और अन्‍य फेस्टिवल व कॉन्‍सर्ट शुरू कर दिया। जल्‍द ही मुझे इरफान सर की फिल्‍म के लिये गाने का मौका मिला और वह गाना था ‘पटोला’, जोकि वायरल हो गया। इस गाने के हिट होने के बाद, टी-सीरीज़ ने मुझे साइन कर लिया और उसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके द्वारा साइन करने से पहले तक, मेरा संघर्ष कमाल का रहा है, क्‍योंकि एक जुनूनी सिंगर के लिये केवल एक मौका ही काफी होता है और मैं ज्‍यादा कुछ मिलने की उम्‍मीद किये बिना कहीं भी और हर जगह परफॉर्म किया करता था।

आप किस तरह का संगीत सुनते हैं?
मैं संगीत कम ही सुनता हूं, मैं ज्‍यादातर साउंडट्रैक्‍स और इंस्‍ट्रूमेंटल सुनता हूं, इससे मुझे भावनाओं को ग्रहण करने की ज्‍यादा गुंजाइश मिलती है और उसी आधार पर गाने तैयार करने में। उन साउंडट्रैक्‍स में अपार संभावनाएं हैं और कई सारे कॉम्बिनेशन हैं, जिनके साथ मैं प्रयोग कर सकता हूं और उनके साथ लुभावने गाने तैयार कर सकता हूं।


एक सिंगर के लिये प्रोफेशनल ट्रेनिंग का कितना महत्‍व है?
सिंगर्स कई तरह के होते हैं, किसी को काफी गहरी समझ होती है और काफी गायिकी सीखी होती है और अब बॉलीवुड में स्‍थापित कलाकार हैं। वहीं मैं एक स्‍वतंत्र म्‍यूजिशियन हूं और मेरा फोकस केवल ऐसे गाने तैयार करना है जिसे हर कोई गा सके और वह कैची हो। ऐसे गाने तैयार करने पर फोकस है, जिसे दर्शक आसानी से गा सकते हैं और उसका मजा ले सकते हैं। हम एक तेजी से बढ़ती पीढ़ी का हिस्‍सा हैं, इसलिये हमारे लिये गाने की सरलता मायने रखती है, जिसे छोटे बच्‍चे आसानी से गुनगुना सकें और बूढ़े भी।

पूरी दुनिया में कॉन्‍सर्ट के व्‍यस्‍त शेड्यूल के साथ, आपको लगता है कि आप ‘लव मी इंडिया’ के लिये वक्‍त निकाल पायेंगे?
इस शो का आइडिया और कॉन्‍सेप्‍ट काफी मनोरंजक नजर आ रहा था, टीवी की दुनिया में आना और ‘लव मी इंडिया’ के साथ जज का स्‍थान लेना वाकई सही निर्णय था। एक नया सफर शुरू करने की उत्‍सुकता और देश के आने वाले कल को अपनी सीखी हुई चीजों के बारे में बताना मुझे अपने काम के काबिल बनाता है। इस शो को ध्‍यान में रखते हुए, मेरी टीम पहले ही डेट देख चुकी है, उन्‍होंने कहा है कि कोई भी डेट आपस में टकरा नहीं रही है। कॉन्‍सर्ट और टूर मेरे जीवन का हिस्‍सा है और मैं इस बात को लेकर आश्‍वस्‍त हूं कि मेरे व्‍यस्‍त शेड्यूल के बावजूद यह शो व्‍यवस्थित रूप में आगे बढ़ेगा। यह निश्चित रूप से प्रोफेशनल और पर्सनल कमिटमेंट के बीच की रेखा है और मुझे लगता है कि मैं उसे संभाल लूंगा और अपने दोनों कमिटमेंट को पूरा करूंगा।

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