Coronavirus, खतरनाक है कोरोना पर मिलने वाली उट -पटांग सलाहें

Coronavirus कितना खतरनाक है। यह तो बीते एक साल से मालूम है। इससे बचाव का साधान है मास्क, दो गज की दूरी और वैक्सीन। लेकिन ये तो हद है लोग कोरोना से जुड़ी बेफिजूल की सलाह दे रहे हैं। वे नहीं जानते ऐसी बेमानी सलाहें, Coronavirus से भी ज्यादा भयावही हो सकती हैं। मसलन आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि नाक में चंद बूंदें नींबू की रस की डालने से कोरोना से मुक्ति मिलती है। ऐसी सलाह पर विश्वास करने वाले कुछ लोगों ने जान तक गवां दी। ऐसी सलाहों पर भरोसा नहीं करिए। यह घातक भी हो सकती हैं।

किसी संक्रमित को छू लेने से वायरस लग जायेगा


वायरस हमारे शरीर में पनपता है, इसका संक्रमण मुँह की भाप, लार से होता है, हाथ छूने से नही, संक्रमित मरीज के मुँह की भाप से बचें।

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ऑक्सीजन कम हो जाये तो कपूर,लौंग सूंघ लो


जब फेफड़ों में पानी या बलगम भर जाता है तब फेफड़े हवा से ऑक्सीजन नही सोख पाते, ऐसे में ज़रूरत होती है कि फेफडे साफ किये जायें,कपूर से ये काम नही होता।

हर बीमार आदमी कोरोना संक्रमित है


जी नही ! हमारे आसपास असंख्य प्रकार के वाइरस विद्यमान रहते हैं, मौसम की अनुकूलता पाते ही ये वाइरस शरीर में प्रवेश करके बीमार करते हैं, हर वाइरस कोरोना नही है।

Coronavirus का सुगंध और स्वाद से ताल्लुक है?

जी नही ! स्वाद और सुगंध अधिक बलगम के जमने से जाते हैं, तेज जुकाम, निमोनिया में ऐसे हो जाता है, ऐसा ज़रूरी नही कि ये कोरोना होने का लक्षण हो।

Coronavirus काढ़े पीने से ख़लास होता है


इस मौसम के लिए लॉन्ग, दालचीनी वाले काढ़े नही होते, इन्हें पीने से फायदे के स्थान पर नुकशान ही होगा, इस समय बस काली मिर्च, पिप्पली, सौंठ का प्रयोग किया जा सकता है।

Coronavirus या अन्य वाइरल बीमारी में नारियल पानी, फ्रूटी या रियल जूस पिला कर मरीज को आराम दिया जाए


ये इस समय की बीमारी में मरीज को मारने की पूरी तैयारी है, नारियल पानी, फ्रूट जूस दोनो की कफकारी होते हैं, एक तो मरीज कफ की बीमारी से ग्रसित है ऊपर से आप उसे ऐसे ज़हर देंगे तो वो बचेगा या मरेगा ? पैकेट बंद जूस जैसे रियल जूस या अन्य कोई भी ब्रांड तो वैसे ही जीवन के लिए खतरा हैं।

ऐसे ही अनगिनत सलाहें आजकल फेसबुक, व्हाट्सएप, गूगल पर तैर रही हैं, इन्हें मान कर न जाने कितने लोग बिना मौत के मर चुके हैं और अभी भी मर रहे हैं

ज़रूरत है कि लोग जागरूक हों, और उसके लिए स्वयं साहित्य पढ़ना होगा, आयुर्वेद और शरीर विज्ञान का अध्धयन करना होगा, अन्यथा ऐसे ही उल्टे सीधे इलाज़ करके लोग मरते रहेंगे।

ध्यान दें, ज़िंदगी बहुमूल्य है इसे व्यर्थ न गवाएं, ये जिंदगी दोबारा नही मिलेगी, यहां गलती की कोई गुंजाइश नही है।

Rumors are more dangerous than covid : https://www.youtube.com/watch?v=NmPHf2f4exc