महामारी के नाम पर मची है लूट, गुरुग्राम से लुधियाना तक मरीज़ पहुंचाने के लिये ऐंठे 1.20 लाख रुपये

1.20 LAKH CHARGED

महामारी के नाम पर लूट मची है। कोरोना महामारी ने इंसान की विकृत प्रवृति का भी खुलकर डीएनए किया है। मरीज़ों को मरने के लिये छोड़ा जा रहा है तो लाशों के सौदे किये जा रहे हैं। श्मशान में घमासान है, एक दूसरे की मदद करने के बजाय लूटने की कोशिशें हो रही हैं। मजबूर लोग जमकर लूटे भी जा रहे हैं। शव जलाने से लेकर मरीज़ों को घर पहुंचाने के नाम पर हज़ारों नहीं लाखों रुपयेे की वसली होे रही है। दो दिन पहले गुरुग्राम से एक महिला लुधियाना के लिये अपनी मां को लेकर निकलीं, तो वाहन नहीं मिला। एक एंबुलेंस बामुश्किल तैयार हुई और उसने जो पैसे मांगे तो सुनकर महिला के होश उड़ गये। लेकिन मजबूरी थी , मां का इलाज कराना था।

महामारी के नाम पर 350 किलोमीटर के एक लाख 20 हज़ार

मात्र 350 किलोमीटर तक एंबुलेंस के सफर का किराया 1.20 लाख रुपये। सुनने में शायद हैरानी लगे, लेकिन कोविड मरीजों के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है। चारों तरफ लूट मची है। दिल्ली में अस्पताल में बेड व ऑक्सीजन न मिलने के कारण बड़ी संख्या में मरीज लुधियाना का रुख कर रहे हैं। अमनदीप कौर के अनुसार गुरुग्राम में रहने वाली अपनी मां सतिंदर कौर की तबियत खराब होने के बाद उसे लुधियाना में एक अस्पताल में बेड का इंतजाम किया।

एंबुलेंस किराये पर देने वाली कंपनी ने बताया रेट

ONE LAKH

अमनदीप कौर ने इसके लिए जब एंबुलेंस किराये पर देने वाली कंपनी के साथ बात की तो 1.40 लाख रुपये किराया मांगा गया। हालांकि उनके पास ऑक्सीजन का अपना सिलेंडर था, तो कंपनी ने 1.20 लाख रुपये किराया तय कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि इतना किराया, तो उन्होंंने कहा कि जाना है तो इतना किराया लगेगा। बहरहाल, उनके पास कोई और विकल्प नहीं था तो उन्होंने मरीज की तकलीफ को देखते हुए 1.20 लाख रुपये अदा कर दिए।

महामारी के नाम पर महिला लूटा- किराये की पर्ची इंटरनेट पर शेयर की

मां को अस्पताल में भर्ती करवाने के बाद अमनदीप ने किराये की पर्ची और कंपनी के व्यवहार से संबंधित बातें इंटरनेट मीडिया में शेयर कर दी। यह सूचना दिल्ली पुलिस के ध्यान में आई और उन्होंने कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद कंपनी ने आनन-फानन में सारी राशि अमनदीप को लौटा दी।

कंपनी को लौटानी पड़ी वसूली गई रकम


हालांकि अमनदीप से वसूली गई भारी राशि वापस मिल गई है, लेकिन वह कहती हैं कि वह इसकाे जरूरतमंद कोविड मरीजों में खर्च कर देंगी। एक ओर एंबुलेंस वाले मरीजों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं, वहीं महिला ने वापस मिली राशि को भी अन्य मरीजों पर खर्च करने की बात कह कर मानवता की मिसाल पेश की है।