काम के बाद नहीं होगी ऑफिस का फोन सुनने की मजबूरी, जल्द आपके पास होगा राइट टू डिसकनेक्ट

New Delhi: A view of Lok Sabha session in progress during the Parliament Winter Session, in New Delhi, Monday, Jan 7, 2019. (LSTV grab via PTI) (PTI1_7_2019_000068B)

देश भर के लाखों प्राइवेट कर्मचारियों को सरकार जल्द ही राहत दे सकती है। यह राहत उन्हें जहां तनाव से बचाने का काम करेगी वहीं इससे उनकी फैमिली लाइफ भी डिस्टर्ब नहीं होगी। दरअसल एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश किया है। इस बिल के तहत ऑफिस के काम के बाद कर्मचारी कॉल्स को डिसकनेक्ट कर सकेंगे और मेल का जवाब देने की मजबूरी से छुटकारा पा सकेंगे। लोकसभा में पेश इस बिल में कर्मचारियों को यह अधिकार देने की बात की गई है। इस बिल को राइट टू डिसकनेक्ट (Right To Disconnect) नाम दिया गया है। सुप्रिया सुले ने कहा कि इस बिल के जरिए कंपनी कर्मचारियों पर ज्यादा काम नहीं लाद सकेगी। उन्होंने बताया कि इस बिल के आने के बाद कर्मचारियों में तनाव कम रहेगा और पर्सनल लाइफ स्टेबल रहेगी।

इस बिल के तहत कल्याण प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। जहां आईटी, कम्यूनिकेशन और श्रम मंत्रियों को रखा जाएगा। इस बिल के तहत, एक चार्टर भी तैयार किया जाएगा। जैसे कंपनियों में 10 से ज्यादा कर्मचारी हैं तो वो अपने कर्मचारियों के साथ बात करें और वो जो चाहते हैं वो चार्टर में शामिल करें। जिसके बाद रिपोर्ट बनाई जाएगी।

बता दें, ऐसा ही बिल फ्रेंच सुप्रीम कोर्ट लागू कर चुकी है, न्यूयॉर्क में भी इसकी शुरुआत हुई और जर्मनी में इस बिल के शुरू होने की बात चल रही है। यानी अगर ये बिल पास हो गया तो कर्मचारी काम के बाद ऑफिस के कॉल्स काट सकेंगे और इस पर कोई एक्शन भी नहीं लिया जाएगा।

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