रफाल डील पर लोक सभा में सरकार ने रखा पक्ष, लेकिन कीमत की बात फिर छुपाई

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब दिया.

सीतारमण ने कहा- हमने यूपीए की डील में फ्लाईअवे जहाजों की संख्या 18 से बढ़ाकर 36 की

उन्होंने कहा- यूपीए सरकार 8 साल में 18 जहाज नहीं ला पाई, हम पहला राफेल सितंबर में ले आएंगे

कांग्रेस सांसद खड़गे ने कहा- सरकार ने राफेल पर सुप्रीम कोर्ट और जनता को गुमराह किया

नई दिल्ली. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में राफेल डील पर हुई चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने विमानों की संख्या के बारे में वास्तविक स्थिति बताई और कीमत के बारे में खुलासा किया। निर्मला ने कहा, ‘‘इन्होंने (यूपीए सरकार ने) जब डील की थी, तब 18 विमान तैयार हालत में मिलने थे। बाकी 108 विमान 11 साल की अवधि में बनाए जाने थे। 2006 के बाद 2014 तक आप 18 जहाज भी हासिल नहीं कर सके? हमने डील में फ्लाईअवे विमानों की संख्या कम नहीं की। इसकी संख्या 18 से बढ़ाकर 36 की। हमें इस साल सितंबर में पहला और 2022 तक आखिरी राफेल मिल जाएगा। यूपीए के वक्त एक बेसिक राफेल की कीमत 737 करोड़ थी। हमें यह 9% कम रेट पर 670 करोड़ रुपए में मिलेगा। सेब की तुलना संतरे से ना करें।’’

रक्षा मंत्री ने कहा- आपकी कभी जहाज खरीदने की मंशा नहीं थी
निर्मला ने कहा- आपने अगस्ता-वेस्टलैंड का ऑर्डर एचएएल को क्यों नहीं दिया? इसलिए क्योंकि एचएएल आपको कुछ और दे नहीं सकती थी? आपने यह जानते हुए भी राफेल डील को अटका दिया कि वायुसेना परेशानी झेल रही है। यहां रक्षा सौदे और सुरक्षा के लिए हुए सौदे में अंतर है। हम कोई रक्षा सौदा नहीं कर रहे हैं। यह सुरक्षा के लिए की गई डील है, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। मैं यहां तथ्य रख रही हूं। मैं आरोप लगाती हूं कि इनकी मंशा जहाज खरीदने की थी ही नहीं। राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में होने के बावजूद इन्होंने इस डील को अटकाया।

हमने जहाज कम नहीं किए, बल्कि 18 फ्लाईअवे जहाजों को 36 तक पहुंचाया
निर्मला सीतारमण ने कहा- आपके 18 फ्लाईअवे जहाजों को हमने 36 तक पहुंचाया और बाकी जहाजों की खरीद के लिए भी हमने आरएफपी भेज दी है। जब भी कभी आपातकालीन खरीद की जाती है, तब यह केवल 2 स्क्वॉड्रन की होती है। 1982 में जब पाकिस्तान एप-16 खरीद रहा था, तब भारत सरकार ने फैसला किया था कि मिग-23 एमएफ की दो स्क्वॉड्रन लायक विमान खरीदे जाएंगे। 1985 में भी दो स्क्वॉड्रन बनाने लायक मिराज फ्रांस से खरीदे गए थे। 1987 में दो स्क्वॉड्रन लायक मिग-29 विमान सोवियत यूनियन से खरीदे गए थे। भारतीय वायुसेना आमतौर पर सरकार को यही सुझाव देती है कि दो स्क्वॉड्रन खरीदे जाएं।

निर्मला ने राहुल से कहा- आपमें से कोई तो देश को गुमराह कर रहा है

निर्मला ने कहा- कांग्रेस का राफेल पर पूरा अभियान पूरी तरह से झूठ और गैरजिम्मेदार आरोपों पर आधारित था। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा था कि हम किसी राष्ट्र प्रमुख के साथ डिफेंस डील पर बात नहीं करेंगे, क्योंकि यह भारत का अंदरूनी मसला है।
‘‘28 जुलाई को संसद में राहुल गांधी जी ने कहा- मैंने फ्रांस के राष्ट्रपति से गुप्त समझौते के बारे में बात की थी। यानी कांग्रेस प्रवक्ता कुछ और कह रहे हैं और कांग्रेस अध्यक्ष अलग बात कर रहे हैं। दोनों में से कोई एक देश को भ्रमित कर रहा है।’’
‘‘मैं और उदाहरण देती हूं- एक वरिष्ठ संसद सदस्य ने वायुसेना प्रमुख को झूठा कहा। किसी चीज की हद होती है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के बारे में भी बहुत कुछ कहा। बस ये कहने से रह गए कि सुप्रीम कोर्ट ने सब गलत किया। एक वरिष्ठ नेता पाकिस्तान गए और कह रहे हैं कि मोदी सरकार को हटाने के लिए हमें मदद कीजिए।’’
‘‘29 जनवरी में जनआक्रोश रैली में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- यूपीए के समय एक राफेल 700 करोड़ रुपए का मिल रहा था। 28 जुलाई को संसद में यह कीमत 520 करोड़ रुपए बताई। 11 अगस्त को एक रैली में 514 करोड़ रुपए कहा। हैदराबाद में 526 करोड़ रुपए बताया। क्या इन्हें पता है कि ये किस बारे में बात कर रहे हैं?’’
‘‘हमें 126 विमानों का बेसिक रेट 670 करोड़ रुपए का मिला, यह यूपीए के वक्त 737 करोड़ रुपए था। यानी हमारे वक्त बेसिक प्लेन 9% सस्ता मिला। अगर आपने 526 करोड़ में विमान का दाम तय किया था तो क्या 2011 से लेकर 2016 तक कीमत एक जैसी रहेगी? उसकी लागत नहीं बढ़ेगी? बेसिक एयरक्राफ्ट के दाम की बैटल रेडी एयरक्राफ्ट से तुलना नहीं की जा सकती।’’

हमने एचएएल को 1 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट दिए : निर्मला
निर्मला ने कहा- राहुल गांधी सदन के वरिष्ठ सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बेंगलुरु में एचएएल गए थे। उसके सामने कहा था- राफेल आपका अधिकार है और आपको इसे बनाना चाहिए था। मैं कहना चाहती हूं कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी उस स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी थे, जिसने डिफेंस से जुड़े कई मामलों को देखा था। स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में कहा था- कमेटी इस बात से निराश है कि 3 दशकों बाद भी एचएएल वायुसेना की जरूरत के मुताबिक लड़ाकू विमान बनाने में सक्षम नहीं हो पाई। आपने 2005 से 2014 के बीच एचएएल के लिए कुछ नहीं किया। हमने 1 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट एचएएल को दिए, आपने तो सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाए। जब राफेल कॉन्ट्रैक्ट हो रहा था, तब कहा गया कि एचएएल को यही जहाज बनाने में 2.7 गुना ज्यादा वक्त चाहिए। दैसो ने इस बात की गारंटी भी नहीं दी कि 108 विमानों को एचएएल प्रोड्यूस करे।

‘10 साल में पड़ोसी देशों ने कई बदलाव किए’
रक्षा मंत्री ने कहा- रक्षा सौदे देश की सुरक्षा से जुड़े मामले हैं। देश को यह समझना होगा कि रक्षा सौदे गोपनीय होते हैं। देश की सरहद पर संवेदनशील माहौल है। सरकार में जो भी है, उसे यह समझना होगा, जिम्मेदारी लेनी होगी। पिछले 10 साल में हमारे पड़ोसियों में क्या बदलाव हुए हैं? चीन के पास 400 लड़ाकू एयरक्राफ्ट हैं, इनमें फिफ्थ जनरेशन एयरक्राफ्ट हैं। पाकिस्तान ने अपनी लड़ाकू विमानों की क्षमता बढ़ाई है। हमारे पास क्या है? 2002 में हमारे पास 42 स्क्वॉड्रन थी। यह 2007 में घटकर 36 और 2015 में 32 स्क्वॉड्रन हो गईं। हमारे पड़ोसी अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं, हमारी क्षमता घट रही है।

लोकसभा स्पीकर ने राहुल से कहा- आप समझते तो हैं नहीं

चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से पूछा- आपने कहा था कि मैं किसी का नाम नहीं ले सकता हूं और आप आज रक्षा मंत्री को मेरा नाम लेने दे रही हैं?
इस पर स्पीकर ने कहा- आप समझते तो हैं नहीं। मैंने सदन में मौजूद व्यक्ति का नाम लेने से मना नहीं किया। आप यहां पर मौजूद हैं तो आपको भी मौका दिया जाएगा और आप तब कुछ कह सकते हैं। इनका भाषण खत्म होने के बाद मैं आपको बोलने का मौका दूंगी।

राहुल ने कहा- हम सत्ता में आए तो दोषियों को सजा दिलाएंगे

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद भवन के बाहर मीडिया से कहा- अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो इस मामले की आपराधिक जांच होगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। अरुण जेटलीजी से कहना चाहता हूं कि वे मुझे गाली देना बंद करें। मुझे गाली देने की बजाय वे राफेल पर हमारे द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब दें।


लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया था, वह गलत है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट और जनता को गुमराह किया। यही वजह है कि हम संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग कर रहे हैं।

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने बहस की तैयारी में 20 दिन का वक्त लिया। जब विपक्ष की तरफ से एक नेता बोलने के लिए आए तो वे कन्फ्यूज थे। ये ऐसे नेता थे जो जमानत पर हैं। वे 20 मिनट में 20 झूठ बोलकर चले गए।

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