Punjab Government in Debt

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पंजाब सरकार ने दो सप्ताह में लिया 3500 करोड़ का कर्ज, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने रिपोर्ट जारी कर सरकार को घेरा

पंजाब सरकार ने सत्ता संभालने के महज 15 दिनों के भीतर 3500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। कर्ज की इस राशि को लेकर राज्य सरकार तो चुप है लेकिन विपक्षी दल भाजपा ने सरकार को घेर लिया गया। पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने गुरुवार को चंडीगढ़ में जारी जानकारी में कहा कि पंजाब में नई सरकार बने हुए अभी 15 दिन ही हुए हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 30 मार्च तक बाजार से 3500 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि आम आदमी पार्टी की मौजूदा सरकार को समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करे। शर्मा ने कहा कि जब भगवंत मान विपक्ष में थे, तो अक्सर बड़े-बड़े भाषण देकर कहते थे कि खजाना खाली नहीं होता, खाली सिर्फ पीपा होता है। शर्मा ने कहा कि पंजाब इस समय तीन लाख करोड़ रुपये का कर्जदार है।

भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लिए एक हजार करोड़

भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अब तक अपने खर्चे को पूरा करने के लिए 3500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। पंजाब सरकार ने इससे पहले 16 मार्च को बाजार से 1,500 करोड़ रुपये कर्ज लिए थे। उसके बाद 23 मार्च को शहीद भगत सिंह की शहादत दिवस वाले दिन भगवंत मान सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का कर्ज 7.19 फीसदी की ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है। उसी दिन एक और 1000 करोड़ रुपये का कर्ज 7.41 फीसदी की अलग ब्याज दर पर वहीं 20 साल के लिए लिया गया है। यह कर्ज सरकार को 2042 तक चुकाना है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों को बेवकूफ बनाने और विधानसभा चुनाव जीतने के लिए बहुत से मुफ्त के बड़े-बड़े वादे किए थे। शर्मा ने कहा कि भगवंत मान पंजाब सरकार चलाने के लिए कर्ज उठाने की बजाय दिल्ली मॉडल लागू क्यों नहीं करते। जो कि केजरीवाल और भगवंत मान ने बार-बार दिल्ली मॉडल को पंजाब में लागू करने की बात करते थे। अश्विनी शर्मा ने कहा कि पिछली पंजाब सरकार ने फरवरी 2022 तक पहले कर्ज पर 12 हजार 722 करोड़ रुपये ब्याज दिया था। जिस प्रकार भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाज़ार से कर्ज ले रही है, उससे लगता है कि जल्द ही पंजाब दिवालिया होने की कगार तक पहुँच जाएगा।