Poor Internet Connectivity के कारण वैक्सीनेशन के लिये कई किमी दूर जा रहे हैं हिमाचल के लोग

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Poor Internet Connectivity के कारण हिमाचल के दूर-दराज के गांवों के लोगों को कई किलोमीटर का सफर तय करके वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंचना पड़ रहा है। जांच के लिये भी कई किमी के फासले तय करने पड़ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी की मार झेल रहे लोगों में कोटखाई तहसील के लोग भी शामिल हैं। दरकोटी पंचायत के अजय भेरटा ने बताया कि कोविड -19 का टीका लगाने के लिए उनको करीब 55 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ी। 55 किमी दूर मशोबरा में वे टीका लगवा पाये। भेरटा का कहना है कि गांव के लोग बहुत टेक सेवी नहीं है। अधिकांश ग्रामीणों को तकनीक की बहुत अधिक जानकारी नहीं है, इसलिए सरकार को वैक्सीन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए।

बाकी इलाकों में भी Poor Internet Connectivity

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हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों किसी एक हिस्से के लोगों की यह समस्या नहीं है बल्कि बहुत से गांव इंटरनेट की खराब सेवाओं से हर दिन जूझ रहे हैं। इंटरनेट कनेक्टिविटी के अलावा CoWIN ऐप में तकनीकी खराबी भी एक बड़ी समस्या है। उस पर ऐसे विरले लोग जो खुद को ऑनलाइन रजिस्टर करा भी लें तो उनके सामने समस्या यह है कि टीका कहां लगायें। उसके लिये भी तो कई किलोमीटर दूर जाना होता है। फिर चाहे वे बुज़ुर्ग हों, या बीमार। कभी-कभी टीकाकरण सेंटर पर पहुंचकर पता चलता है कि वैक्सीन के स्लॉट तो खत्म हो चुके हैं। और फिर शुरू होता है अगली तारीख़ का इंतज़ार..
 
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दूर दराज गांवों में बनाये जायें और वैक्सीनेशन सेंटर- ग्रामीण

ग्रामीणों की मांग है कि पहाड़ी इलाकों की विषमता और दुर्गम रास्तों को देखते हुए सरकार को कुछ और प्रयास करने चाहिये। अजय भेरटा और अन्य ग्रामीणों के मुताबिक टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता के आधार पर चलाया जाना चाहिये। तभी सभी लोगों तक इसका लाभ पहुंच पायेगा। अजय भेरटा का कहना है कि ज्यादातर बार, लोगों को दिक्कत आती है कि स्लॉट कुछ ही समय में भर जाते हैं और वे खराब इंटरनेट कनेक्शन के कारण अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ा नहीं पाते।

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ये गांव भी जूझ रहे हैं Poor Internet Connectivity से

जुब्बल में बढाल पंचायत के प्रकाश चंद ने बताया कि खराब इंटरनेट और संचार कनेक्टिविटी के कारण उन्हें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वे टीकाकरण के लिए CoWIN ऐप पर पंजीकरण करने में असमर्थ हैं। इतना ही नहीं उन लोगों के बच्चे भी ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

जशला पंचायत का हाल

कोटखाई की जशला पंचायत के राजपाल ने भी यही बात दोहराई। उन्होंने अफसोस जताया कि खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण बहुत से लोगों को टीका नहीं लग पा रहा है।

Poor Internet Connectivity पर क्या कहते हैं SDM Rohru ?

रोहड़ू एसडीएम बीआर शर्मा ने माना कि यह सही है कि कई क्षेत्र के लोग कनेक्टिविटी की समस्या का सामना कर रहे हैं। इसलिए सरकार को गांवों को पंजीकरण से छूट देनी चाहिए। एसडीएम का कहना है कि इन क्षेत्रों में लोगों को मौके पर ही वैक्सीन स्लॉट देना चाहिए। जो कि 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारी इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने जा रहे हैं क्योंकि क्षेत्र के लगभग 8000 लोग नेटवर्क  से जुड़े मुद्दों का सामना कर रहे हैं।  

प्रदेश में 18-44 आयुवर्ग के 31 लाख लोग

 बता दें कि हिमाचल प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के 31 लाख से अधिक लोग हैं जिन्हें टीकाकरण की आवश्यकता है।
 Credit- Lalit Sharma