पीएम ने किसान सम्मान निधि की 8वीं किस्त जारी की, कहा-कोरोना महामारी अदृश्य दुश्मन, हम लड़ेंगे और जीतेंगे

Modi pm kisan

पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को किसान सम्मान निधि की 8वीं किस्त जारी की। इस मौके पर पीएम ने कोरोना महामारी पर कहा कि कोरोना अब देश के ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल रहा है। उन्होंने लोगों से मास्क पहनने और उचित दूरी का पालन करने आग्रह किया। कोरोना महामारी को एक ‘अदृश्य दुश्मन’ बताते हुए उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सरकार महामारी की दूसरी लहर से मुकाबले के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश इस लड़ाई में विजय हासिल करेगा।

किसान सम्मान निधि जारी करने के मौके पर बोले पीएम…

उन्होंने कहा कि भारत हिम्मत हारने वाला देश नहीं है। न भारत हिम्मत हारेगा, न भारतवासी हिम्मत हारेंगे। हम लड़ेंगे और जीतेंगे। वे किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) के तहत 8वीं किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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टीकाकरण पर दिया ज़ोर

Pm kisan nidhi

मोदी ने टीके को कोरोना से बचाव का बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि देश में टीकों की 18 करोड़ से अधिक खुराक लोगों को दी जा चुकी हैं। उन्होंने राज्यों से दवाओं और ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की। पीएम ने कहा कि किसान सम्मान निधि के तहत 9.5 करोड़ किसानों को 19 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया गया है। बंगाल के किसानों को पहली बार यह लाभ मिल रहा है।

किसान सम्मान निधि कालाभ बंगाल के किसानों को भी मिलने लगा-पीएम

उन्होंने कहा कि कोरोना से मैं आप सभी को आगाह कर रहा हूं। अब महामारी तेजी से गांवों में फैल रही है। सभी सरकारें इसे रोकने के लिए प्रयास कर रही हैं। इसके बारे में ग्रामीणों की जागरूकता जितनी जरूरी है, पंचायतों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपने कभी हमें निराश नहीं किया है। हम उम्मीद करते हैं इस बार भी आप निराश नहीं करेंगे।

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महामारी परीक्षा ले रही है-पीएम

उन्होंने कहा कि महामारी कदम-कदम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है। हमारे सामने एक अदृश्य दुश्मन है और यह बहुरूपिया भी है। इसके कारण हम अपने बहुत से करीबियों को खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि बीते कुछ समय से जो कष्ट देशवासियों ने सहा है और जिस दर्द से वह गुजरे हैं, वह मैं भी उतना ही महसूस कर रहा हूं। कोरोना की दूसरी लहर से मुकाबले में संसाधनों से जुड़े जो भी गतिरोध थे, उन्हें दूर किया जा रहा है।