Programming Language के फील्ड में नौकरियों की भरमार, ऐसे चुने करियर की राह

programmimg lang 3

Programming Language के फील्ड में अगर फ्यूचर देख रहे हैं तो आपमें क्रिएटिव स्किल्स होना बहुत ज़रूरी है। नये सॉफ्टवेयर बनाने के साथ ही उसको बढ़िया फीचर्स से लैस करने का काम प्रोग्रामर या डेवलपर का ही होता है।

Computer पर हम कई तरह के Software, application, program चलाते हैं। ये सभी software या application किसी ना किसी Programming language द्वारा बनाये जाते हैं। अलग अलग तरह के Software आदि बनाने के लिए कई तरह की Programming language या coding की जरुरत पड़ती हैं। इनमें c, C++, java, .net. PHP, HTML, आदि शामिल हैं ।

तकनीकी वर्ल्ड में हर किसी के जीवन में गेम्स, एप्स, रोबोट्स, ऑटोनोमस कार आदि के रूप में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का दखल बढ़ता जा रहा है। वैसे में प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में करियर बनाना आपका भविष्य निखार देगा। एंड्रॉयड डेवलपमेंट, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स तथा माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सूट इत्यादि के इस्तेमाल में जावा, पाइथन या सी प्लस प्लस जैसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

Programming Language-कोडिंग में होता है कंप्यूटर का काम

programming lang

कंप्यूटर का सारा काम प्रोग्रामिंग के जरिए ही होता है। प्रोग्रामिंग या कोडिंग के द्वारा ही कंप्यूटर को बताया जाता है कि उसे क्या करना है? कोडिंग जानने वाले आसानी से वेबसाइट अथवा एप डेवलप कर सकते हैं। स्किल्ड नेशन की प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी एनएसडीसी के ई-स्किल पोर्टल ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी की है।

माइक्रोसॉफ्ट लर्निंग रिसोर्स सेंटर, माइक्रोसॉफ्ट लर्न एवं ई-स्किल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सीखें

इसके अंतर्गत अगले बारह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट लर्निंग रिसोर्स सेंटर, माइक्रोसॉफ्ट लर्न एवं ई-स्किल डिजिटल प्लेटफॉर्म की सहायता से युवा कहीं बैठे नि:शुल्क कस्टमाइज्ड लर्निंग रिसोर्स एवं कंटेंट प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, डिजिटल स्किलिंग अवेयरनेस ड्राइव (वेबिनार, वर्चुअल सेशन, ई-स्किलिंग इवेंट्स) चलाए जाएंगे, ताकि अगली पीढ़ी को डिजिटल इकोनॉमी के लिए बेहतर रूप से तैयार किया जा सके।

कंप्यूटर साइंस, वेब डेवलपमेंट, प्रोग्रामिंग, इंफॉर्मेशन सिस्टम के छात्रों को आसानी

programming lang 2

वैसे तो किसी भी बैकग्राउंड, स्ट्रीम के युवा कोडिंग सीख सकते हैं लेकिन कंप्यूटर साइंस, वेब डेवलपमेंट, प्रोग्रामिंग, इंफॉर्मेशन सिस्टम आदि में ग्रेजुएशन करना और भी अच्छा रहता है। आगे बढ़ने के लिए आपकी सी, सी प्लस प्लस, जावा स्क्रिप्ट, एचटीएमएल, सीएसएस, पीएचपी, जावा, हेलो, पाइथन जैसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर पकड़ होनी चाहिए। प्रोग्रामिंग घर बैठे एप या ऑनलाइन माध्यमों से भी सीखी जा सकती है।

यह भी पढ़ें: Google Chrome को जल्द करें अपडेट, वर्ना हैक हो सकता है कंप्यूटर

Programming Language सीखें, कोडिंग एक्सपर्ट्स की है मांग

प्रोग्रामिंग की फील्ड में करियर एक अलग अनुभव होता है। इसमें आपका अनुभव और अलग सोचने का तरीका बहुत मदद करता है। कोडिंग एक्सपट्र्स की माँग इन दिनों हर सेक्टर में देखी जा रही है। विगत चार वर्षों में ही सात लाख से अधिक नौकरियों में कोडिंग स्किल्स की डिमांड रही है। प्रोग्रामिंग से संबंधित नौकरियाँ बारह प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।

Programming Language- वेब-मोबाइल एप डेवलपर, बिजनेस इंटेलिजेंस एनालिस्ट, वेब डिजाइनर बनें

साथ ही साथ प्रोग्रामर्स की माँग टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के अलावा गैर-तकनीकी क्षेत्र में भी देखी जा रही हैं, जैसे-फाइनेंस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग आदि में इनके लिए अच्छे मौके बन चुके हैं। अब तो नई शिक्षा नीति में छठी से कोडिंग सिखाने का भी प्रस्ताव है ताकि युवाओं को बेहतर तरीके से भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।