Panchang 19 मार्च, हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए Friday को महालक्ष्मी की अर्चना करें

Fridayके दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। Friday के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें । शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए । शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।

पहर पर नज़र

  • विक्रम संवत् 2077 शर्वरी संवत्सर तदुपरि खिस्ताब्द आंग्ल वर्ष 2021
  • शक संवत – 1942,
  • कलि संवत – 5122
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – सौर वसंत ऋतु
  • मास – फाल्गुन माह
  • पक्ष – शुक्ल पक्ष,
  • तिथि – षष्टी पूर्ण रात्रि तक
  • तिथि का स्वामी – षष्टी तिथि के स्वामी कार्तिकेय जी है। षष्ठी (छठ) के देवता भगवान भोलेनाथ के पुत्र और देवताओं के सेनापति कार्तिकेय जी है।
  • नक्षत्र – कृत्तिका – 01.44 तक तत्पश्चात रोहणी
  • नक्षत्र के स्वामी – कृतिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव और स्वामी सूर्य देव जी है ।
  • योग – विष्कम्भ – 11.00 तक तत्पश्चात प्रीति
  • प्रथम करण – कौलव – 15.30 तक
  • द्वितीय करण – तैतिल – 04.48, 20 मार्च तक
  • गुलिक काल – Friday को शुभ गुलिक प्रात 7.30 से 9.00 तक ।
  • दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही खाकर जाएँ ।
  • राहुकाल -दिन 10.30 से 12.00 तक।
  • सूर्योदय -प्रातः 06.21
  • सूर्यास्त – सायं 18.27
  • अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12.05 से 12.53 तक
  • विजय मुहूर्त -दोपहर 02.30 से 03.18 तक
  • निशिथ काल – रात 12.05 से 12.52 तक (20 मार्च)
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 06.20 से 06.44 तक
  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04.50 से 05.38 तक (20 मार्च)
  • अमृत काल पूर्वान्ह – 11.01 से 12.50 तक
  • रवियोग – दोपहर 01.44 से 06.25 तक
  • यात्रा शकुन- शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।

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आज के लिए खास बातें

आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं सरू शुक्राय नमरू। आज का उपाय-बहते जल में बताशे प्रवाहित करें। वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं। पर्व व त्यौहार- देवदर्शन, स्कन्द षष्ठी।विशेष – मित्रों, षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।

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