Panchang 10 May Monday, आज रात के 9:56 के बाद अमावस्या है

Panchang के बिना आप जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। Panchang के बिना कोई कार्य का मतलब है बिना पतवार नाव चलाना। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि पंचांग एक संकल्प है, एक उम्मीद है। यदि उम्मीद नेक हो तो फल भी नेक ही होता है।

Panchang 10 May Monday

जानिए Panchang 10 मई सोमवार के दिन क्या शुभ है और क्या अशुभ। और भी बहुत कुछ, ताकि आप उम्दा पहर में खास कार्यों को अमलीजामा पहना पाएं।

  • 🌳 दिनांक – 10 मई 2021
  • 🙏🏻 दिन – सोमवार
  • 🌞 सूर्योदय – 05:48
  • 🌳 सूर्यास्त – 06:57
  • 🌲 विक्रम संवत – 2078
  • 🌴 संवत्सर का नाम राक्षस
  • 🌳 शक संवत 1943
  • 🦚 अयन – उत्तरायण
  • 🐦 ऋतु – बसंत
  • 🌳 मास – वैशाख ( महाराष्ट्र और गुजरात के अनुसार चैत्र मास )
  • 🐚 पक्ष – कृष्ण
  • 🌻 तिथि – चतुर्दशी रात्रि 09:56 पश्चात अमावस्या
  • नक्षत्र – अश्विनी रात्रि 08:25 पश्चात भरणी
    ⏰ राहुकाल 👉 हो सके तो प्रातः 07:27 से 09:05 तक महत्वपूर्ण कार्य न करें।
  • दिन का पर्व – नहीं
    💫 पंचक ➡️ पंचक नहीं है।

    Monday Special : https://www.youtube.com/watch?v=fiAOFFc_Sy0


ज्ञान की बात

  1. द्रव्ययज्ञा:- मात्र संसार के हित के उद्देश्य से कुआँ, तालाब, मंदिर, धर्मशाला आदि बनवाना, अभावग्रस्त लोगों को अन्न, जल, वस्त्र, औषध, पुस्तक आदि देना, दान करना इत्यादि सब द्रव्ययज्ञ है द्रव्य – (तीनों शरीरों सहित संपूर्ण पदार्थों) को अपना और अपने लिये न मानकर नि:स्वार्थभाव से उन्हीं का मानकर उनकी सेवा में लगाने से द्रव्ययज्ञ सिद्ध हो जाता है । शरीरादि जितनी वस्तुएं हमारे पास है, उन्हीं से यज्ञ हो सकता है, अधिक की आवश्यकता नहीं है । मनुष्य बालक से उतनी ही आशा रखता है, जितना वह कर सकता है, फिर सर्वज्ञ भगवान तथा संसार हमसे हमारी क्षमता से अधिक की आशा कैसे रखेंगे।

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