ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां मज़बूत होंगी, पीएम बोले- भारत Defense manufacturing capacity बढ़ाने को प्रतिबद्ध

PM modi in hooghly

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि Defense manufacturing capacity बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। पीएम ने कहा कि आजादी से पहले देश में सैकड़ों ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां होती थी जिनसे बड़े पैमाने पर हथियार बनाकर भेजे जाते थे लेकिन इस व्यवस्था को मजबूत नहीं बनाया गया। रक्षा क्षेत्र में केंद्रीय बजट प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने (Defense manufacturing capacity) की दिशा में उठाये गए कदमों का जिक्र किया। मोदी ने कहा- स्थिति ऐसी हो गई है कि छोटे हथियारों के लिये भी दूसरे देशों की ओर देखना पड़ता है। भारत सबसे बड़े रक्षा खरीददारों में शामिल है और यह गर्व का विषय नहीं है ।

आधुनिक हथियार बना सकता है भारत-पीएम

उन्होंने कहा कि ऐसा भारत जो मंगल ग्रह तक जा सकता है, वह आसानी से आधुनिक हथियारों का निर्माण कर सकता है। लेकिन विदेशों से हथियारों का आयात आसान रास्ता बन गया है । मोदी ने कहा कि लेकिन अब भारत स्थितियों को बदलने के लिए कठिन परिश्रम कर रहा है और देश अब अपनी रक्षा विनिर्माण क्षमता को तेज गति से बढ़ाने को प्रतिबद्ध है ।

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‘Defense manufacturing capacity बढ़ाएंगे, भारत के पास हथियार बनाने का पुराना अनुभव’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास हथियार एवं सैन्य उपकरण (Weapons and military equipment) बनाने का सदियों पुराना अनुभव है, लेकिन देश की आजादी के बाद अनेक वजहों से इस व्यवस्था को उतना मजबूत नहीं किया गया । रक्षा बजट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका एक हिस्सा यहां तक कि रक्षा पूंजी बजट के तहत घरेलू खरीद मद में रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 के बजट में रक्षा मंत्रालय के लिये 4.78 लाख करोड़ रूपये आवंटित किये गए हैं जो पूंजीगत आवंटन के हिसाब से करीब 19 प्रतिशत वृद्धि है ।

ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को मज़बूत किया जाएगा-मोदी

प्रधानमंत्री ने Design and manufacturing of defense equipment में निजी क्षेत्रों के आगे आने की अपील की । उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत में प्रतिभा या क्षमता की कमी है । उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि कोरोना काल से पहले भारत वेंटिलेटर नहीं बनाता था, लेकिन अब हजारों की संख्या में वेंटिलेटर बन रहे हैं। मोदी ने स्वदेश निर्मित हल्का लड़ाकू विमान तेजस का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने अपने इंजीनियरों-वैज्ञानिकों और तेजस लड़ाकू विमान की क्षमताओं पर भरोसा किया है और आज तेजस ( Tejas) शान से आसमान में उड़ान भर रहा है।

Defense manufacturing capacity बढ़ाने पर सरकार का ज़ोर

कुछ सप्ताह पहले ही तेजस के लिए 48 हजार करोड़ रुपए का ऑर्डर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2014 से ही हमारा प्रयास रहा है कि पारदर्शिता, पूर्वानुमान और कारोबार के अनुकूल माहौल के साथ हम इस क्षेत्र में आगे बढ़े। इस क्षेत्र को लाइसेंस एवं नियमन से मुक्त करने सहित निर्यात प्रोत्साहन, विदेशी निवेश को उदार बनाने जैसे एक के बाद एक कदम उठाए हैं। उन्होंने खरीद प्रक्रिया में एकरूपता को लेकर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष का पद सृजित करने का भी उल्लेख किया । उन्होंने कहा कि भारत ने रक्षा क्षेत्र से जुड़े ऐसे 100 महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की सूची बनाई है, जिन्हें हम अपनी स्थानीय उद्योग की मदद से ही बना सकते हैं।

रक्षा ज़रूरतों के लिए हमारी विदेशों पर निर्भरता को कम होगी-पीएम

मोदी ने कहा कि यह वैसी सकारात्मक सूची है जो अपनी रक्षा ज़रूरतों के लिए हमारी विदेशों पर निर्भरता को कम करने वाली है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम (MSME) क्षेत्र पूरे विनिर्माण सेक्टर के लिए रीढ़ का काम करता है। आज जो सुधार हो रहे हैं, उससे एमएसएमई क्षेत्र को ज्यादा आजादी मिल रही है, उनको विस्तार करने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।