ToolkitCase में दिशा रवि को ज़मानत, अदालत ने कहा-व्हाटसएप ग्रुप बनाना या टूलकिट का संपादक होना अपराध नहीं

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ToolkitCase में दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को जमानत दे दी। दिशा को सोशल मीडिया पर किसानों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित टूलकिट कथित रूप से साझा करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने रवि को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत भरने पर यह राहत दी।

कोर्ट ने क्या कहा….

अदालत ने दिशा को यह कहकर जमानत दे दी कि पुलिस द्वारा पेश किए गए सुबूत नाकाफी हैं। अदालत ने कहा कि दिशा रवि और ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ (पीजेएफ) के खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं के बीच प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। अदालत ने कहा कि रत्ती भर भी सबूत नहीं है जिससे 26 जनवरी को हुई हिंसा में शामिल अपराधियों से पीएफजे या रवि के किसी संबंध का पता चलता हो।

ToolkitCase में दिशा और एसएफजे के बीच संबंध स्थापित नहीं होते-कोर्ट

इसके अलावा, अदालत ने कहा कि प्रत्यक्ष तौर पर ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता जो इस बारे में संकेत दे कि दिशा रवि ने किसी अलगाववादी विचार का समर्थन किया है। अदालत ने कहा कि दिशा रवि और प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के बीच प्रत्यक्ष तौर पर कोई संबंध स्थापित नजर नहीं आता है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने रवि को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत भरने पर यह राहत दी। अदालत ने कहा कि अभियुक्त का स्पष्ट तौर पर कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

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संचार पर कोई मौलिक बाधा नहीं-कोर्ट

अदालत ने कहा,-संचार पर कोई भौगोलिक बाधाएं नहीं हैं। एक नागरिक को यह मौलिक अधिकार हैं कि वह संचार प्रदान करने और प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम साधनों का उपयोग कर सके। कोर्ट ने कहा कि एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाना या एक हानिरहित टूलकिट का संपादक होना कोई अपराध नहीं है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी को अनुकूल पूर्वानुमानों के आधार पर नागरिक की स्वतंत्रता को और प्रतिबंधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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ToolkitCase में

शांतनु मुलुक ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया


किसानों के आंदोलन के समर्थन को लेकर तैयार किए गए ‘टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट’ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर साझा करने के मामले में दिशा रवि के साथ सह आरोपी शांतनु मुलुक ने, अग्रिम जमानत के लिए मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया।