सरकार में मंत्री हो या नेता, कोई भी नहीं खुश : ओम प्रकाश चौटाला

सरकार में मंत्री हो या नेता, कोई भी खुश नहीं है। जो लोग हमें छोड़कर गए थे, वे हमें परिवार नहीं मान रहे। वे ताऊ देवीलाल को दादा मानने की बजाय अब रामकुमार गौतम को दादा मान रहे हैं।  चौटाला का इशारा जजपा नेताओं की ओर था। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला में सिरसा में जाट धर्मशाला में जाट समाज की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इनेलो सुप्रीमो ने भाजपा-जजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में आज सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। सरकार में मंत्री, नेता अधिकारी कोई भी खुश नहीं है। सत्ता में बने हुए लोग सत्तापक्ष को छोड़कर इनेलो में शामिल हो रहे हैं।

सरकार में मंत्री हो या नेता, किसी की नहीं चलती


भाजपा-जजपा सरकार में किसी की नहीं चलती। इसकी कारण लोगों का भाजपा-जजपा से मोहभंग हो रहा है। इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि बरोदा उपचुनाव में इनेलो की जीत होगी। एसवाईएल के मुद्दे पर चौटाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी है कि फैसले को लागू कराने के लिए दोनों सरकारों को मजबूर करें। वहीं पूर्व सीएम चौटाला की अध्यक्षता में समाजसेवी मोहनलाल झोरड़ को सिरसा जाट धर्मशाला का प्रधान चुना गया।

तेल के दामों में बढ़ोतरी को वापस ले सरकार : हुड्डा

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा में पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की मांग की है। हुड्डा ने कहा कि लॉकडाउन की पाबंदी काफी हद तक समाप्त हो चुकी हैं। सरकार की आमदनी के लगभग तमाम जरिए खुल चुके हैं। ऐसे में कोरोना काल और उससे पहले हुई तेल के दामों में बढ़ोतरी को वापस लिया जाए। प्रदेश और केंद्र सरकार दोनों को अपने करों में कटौती करनी चाहिए।

टैक्स लगाकर महंगा किया

जारी बयान में हुड्डा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 2004 के स्तर पहुंच चुकी हैं, लेकिन सरकार टैक्स पर टैक्स लगाकर इसे महंगा करने में लगी हैं। अब तो दिल्ली सरकार ने तेल सस्ता करने की दिशा में फैसला लेते हुए 8.36 रुपये डीजल के रेट कम कर दिए हैं। हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार को भी तेल पर लगने वाले वैट को कम करके पूर्व कांग्रेस सरकार के स्तर पर लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में डीजल पर वैट करीब 9 प्रतिशत था, जो भाजपा सरकार में लगभग डबल हो गया है। इसकी सबसे ज्यादा मार किसान पर पड़ रही है। पूर्व सीएम ने कहा, किसान की कृषि लागत बढ़ गई है। पहले से सरकारी नीतियों की मार झेल रहे किसान से आज भी कोरोना के नाम पर वसूली हो रही है।