नरेश गोयल 26 साल बाद जेट एयरवेज के बोर्ड से इस्तीफा देंगे, एयरलाइन को 1500 करोड़ रु. मिलेंगे

  • 8000 करोड़ रुपए के कर्ज में फंसी एयरलाइन के रेजोल्यूशन प्लान के तहत बोर्ड मीटिंग में फैसला
  • नरेश गोयल, पत्नी अनीता गोयल ने 1993 में की थी जेट एयरवेज की स्थापना
  • गोयल के इस्तीफे के फैसले की खबर के बाद जेट के शेयर में 15% उछाल आया

जेट एयरवेज के फाउंडर और चेयरमैन नरेश गोयल और पत्नी अनीता गोयल एयरलाइन के बोर्ड से इस्तीफा देंगे। नरेश गोयल को चेयरमैन का पद भी छोड़ना पड़ेगा। कर्जदाताओं के साथ रेजोल्यूशन प्लान के लिए सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया। बदले में जेट एयरवेज को कर्जदाताओं से 1,500 करोड़ रुपए की फंडिंग तुरंत मिलेगी। जेट एयरवेज पर 8000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। एयरलाइन को दिवालिया होने से बचाने के लिए उसे नकदी की जरूरत है। जेट को कर्ज देने वाले बैंकों ने पिछले हफ्ते संकेत दिए थे कि जेट के मैनेजमेंट में बदलाव होने पर वो एयरलाइन में और नकदी लगा सकते हैं।

आगे क्या होगा ?
एयरलाइन के रोजाना के कामकाज को देखने के लिए अंतरिम मैनेजमेंट कमेटी गठित की जाएगी। जेट के कर्जदाता बोर्ड में दो सदस्य नॉमिनेट करेंगे। एसबीआई के नेतृत्व में एयरलाइन के कर्जदाताओं का कंसोर्शियम रेजोल्यूशन प्लान तैयार कर रहा है। इसमें जेट के कर्ज को शेयरों में बदलना और 1,500 करोड़ रुपए की फंडिंग तुरंत मुहैया करवाना शामिल है।

जेट एयरवेज के शेयर में 15% तेजी
गोयल के इस्तीफे के फैसले की खबर के बाद एयरलाइन के शेयर में तेजी आई। एनएसई पर यह 15.46% बढ़त के साथ 261 रुपए पर बंद हुआ। बीएसई पर 12.69% ऊपर 254.50 रुपए पर क्लोजिंग हुई।

जेट के पायलट्स, इंजीनियर को 3 महीने से सैलरी नहीं मिली

जेट एयरवेज के पायलट्स और इंजीनियर्स को 3 महीने से सैलरी नहीं मिली है। पायलट्स ने 31 मार्च तक वेतन नहीं मिलने पर 1 अप्रैल से उड़ान नहीं भरने की चेतावनी दी है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक पिछले हफ्ते यह खबर आई कि सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे जेट एयरवेज को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करें। एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर जेट एयरवेज दिवालिया होती है तो 16,500 लोगों की नौकरी जा सकती है। सरकार लोकसभा चुनाव को देखते हुए ऐसा नहीं चाहती है। इससे सरकार की साख को नुकसान हो सकता है।

13 अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ानें बंद

लीज रेंट नहीं चुका पाने की वजह से जेट के 54 विमान खड़े हो चुके हैं। एयरलाइन ने पिछले हफ्ते 13 अंतरराष्ट्रीय रूट पर अप्रैल अंत तक के लिए उड़ानें रद्द करने का ऐलान किया था। सात अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ानों की संख्या पहले ही कम की जा चुकी है।

आर्थिक संकट में कैसे फंसी जेट एयरवेज ?
बीते कुछ सालों में दूसरी एयरलाइन से प्रतिस्पर्धा में जेट ने किराए कम किए। लुभावने ऑफर पेश किए जबकि उतना मुनाफा नहीं हो रहा था। ब्रेंट क्रूड की कीमत में पिछले साल भारी उछाल आया। इसलिए, जेट का हवाई खर्च बढ़ा। डॉलर के मुकाबले रुपया भी पिछले साल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। इसलिए, एयरलाइन का विदेशी मुद्रा खर्च बढ़ गया। इन वजहों से जेट को 2018 की तीन तिमाही (जनवरी-मार्च, अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर) में कुल 3,620 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

गोयल ने 25 साल पहले तैयार की थी जेट एयरवेज

नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने फुल सर्विस एयरलाइन जेट एयरवेज की स्थापना 25 साल पहले 1993 में की थी। एतिहाद एयरवेज की जेट में 24% की हिस्सेदारी है। उसने 2013 में जेट में शेयर खरीदे थे। उस वक्त भी जेट एयरवेज आर्थिक संकट का सामना कर रही थी। एतिहाद से निवेश से उसे कर्ज से उबरने में मदद मिली थी। इस बार एतिहाद ने निवेश बढ़ाने से इनकार कर दिया।