नमो टीवी मामले में चुनाव आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांगी जानकारी

नमो टीवी मामले में कोर्ट पहुंचे राजनीतिक दलों की शिकायत के आधार पर चुनाव आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जवाब मांगा है। चुनाव से पहले किसी राजनीतिक दल को टीवी चैनल शुरु करने की अनुमति देने के मामले में चुनाव आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से विस्तृत जानकारी देने को कहा है. सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले ‘नमो टीवी’ को लांच करने के मामले में कांग्रेस और आप की शिकायत पर मंत्रालय से मामले के तथ्यों से अवगत कराने को कहा है. आप और कांग्रेस ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पहले चरण के 11 अप्रैल को होने वाले चुनाव से ठीक पहले नमो चैनल शुरु करने की इजाजत देने की शिकायत करते हुये इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है.

आयोग से पूछा था सवाल

दोनों दलों ने आयोग से पूछा कि क्या इस चैनल को शुरू करने की इजाजत ली गयी. चैनल के लोगों में मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है और इस पर मोदी के भाषणों का प्रसारण किया जा रहा है. समझा जाता है कि इस चैनल का प्रसारण डीटीएस और विभिन्न केबल टीवी प्लेटफॉर्म पर हो रहा है. इस पर मोदी और अन्य भाजपा नेताओं के साक्षात्कार प्रसारित होते हैं. आप ने शिकायत में कहा था कि अगर राजनीतिक दलों को टीवी चैनल शुरु करने की इजाजत दी जाती है तो क्या इससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होगा.

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शिकायत में यह भी पूछा गया है कि चुनाव आचार संहिता के दौरान किसी राजनीतिक दल को उसका अपना टीवी चैनल शुरु करने की इजाजत देना क्या आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. अगर आयोग ने इसकी इजाजत नहीं दी है तो इस पर क्या कार्रवाई की गयी. समझा जाता है कि आयोग ने मंत्रालय को इस मामले से जुड़े तथ्यों से अवगत कराने को कहा है. इसके अलावा आयोग ने दूरदर्शन से भी 31 मार्च को मोदी के ‘‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करने के मामले में जवाब मांगा है. आयोग ने कांग्रेस की एक अन्य शिकायत पर यह कार्रवाई की है.