7 महीने में मोदी को मिले 9.67 लाख के गिफ्ट, 20 हज़ार की केतली भी

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Niroshaa Singh

  • 7 महीने में मोदी को 2,772 उपहार मिले
  • पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को 6.71 करोड़ रुपए की ज्वैलरी मिली
  • – एनएसए अजित डोवाल को शहद की 12 बोतलों समेत 23,800 रुपए के गिफ्ट मिले
  • – गुमनाम लोगों ने अफसरों को भेजे आई-फोन और सोने के बिस्किट

7 महीने में मोदी को करोड़ों के तोहफे मिले। पीएम को इस साल मिले तोहफों की नीलामी हाल ही में हुई। संस्कृति मंत्रालय मोदी को मिले 2,772 उपहारों की नीलामी का आयोजन कर रहा था। ये प्रधानमंत्री को देश-विदेश में अलग-अलग दौरे पर या अतिथियों से मुलाकात के दौरान भेंट में मिले गिफ्ट्स हैं। इनमें पेेंटिंग्स, स्मृति चिह्न, मूर्तियां, शॉल, पगड़ी, विभिन्न पारंपरिक वाद्ययंत्र जैसी वस्तुएं शामिल हैं। 14 सितंबर से शुरू हुई यह नीलामी 3 अक्टूबर तक चली। बता दें कि इससे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए किया जाएगा।

7 महीने में मोदी को ही नहीं अफसरों को भी मिले बेशकीमती तोहफे

लेकिन इनके अलावा ऐसी कई वस्तुएं हैं जो प्रधानमंत्री से लेकर विभिन्न मंत्रियों और अफसरों को मिली हैं। हमने उन उपहारों और उनकी कीमत का विश्लेषण किया तो पता चला कि इस साल सबसे महंगा उपहार 6.7 करोड़ का है, जो दिवंगत सुषमा स्वराज को अप्रैल में विदेश मंत्री रहने के दौरान मिला था। इनके अलावा ऐसी कई दिलचस्प चीजें हैं, जो पीएम, राष्ट्रपति से लेकर मंत्रियों अफसरों तक को गिफ्ट में मिली हैं। https://www.indiamoods.com/rakhi-special-the-style-of-giving-gifts-has-changed-choose-a-gift-here-to-dress/

7 महीने में मोदी को 75,000 का समोवर (जार) भी मिला

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विदेश मंत्रालय से जारी लिस्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री को इस साल जनवरी से जुलाई के दौरान विदेशों से 43 गिफ्ट मिले हैं। इनमें 75 हजार रुपए का समोवर भी है, जो उन्हें किर्गिस्तान के राष्ट्रपति जेनेबकोव ने पीएम मोदी को दिया है। समोवर एक तरह का मेटल का बड़ा जार होता है जिसका इस्तेमाल रूस या सोवियत संघ से अलग हुए देशों में पानी गर्म करने के लिए किया जाता है।

मोदी को इस साल मिले प्रमुख उपहार

  • उपहार कीमत (रुपए में)
  • बुद्ध की मूर्ति 4 लाख
  • किर्गिज़ कारपेट 1 लाख
  • किर्गिज़ कारपेट (छोटा) 70 हजार
  • टी-जार (केतली) 20 हजार

सुषमा स्वराज को सबसे ज्यादा 6.74 करोड़ के उपहार मिले

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चौंकाने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा और सबसे महंगे उपहार पूर्व विदेश मंत्री और दिवंगत सुषमा स्वराज को मिले। इस साल जनवरी से जून तक उन्हें 44 उपहार मिले जिनकी कीमत 6 करोड़ 74 लाख रुपए आंकी गई है। इनमें हीरे, नीलम की ज्वैलरी से लेकर फूलदान, शॉल, पेंटिंग्स से लेकर कारपेट और गोल्डन मास्क तक शामिल हैं। उन्हें सिल्वर-डायमंड एमराल्ड ज्वैलरी सेट मिला है जिसकी कीमत 6 करोड़ 70 लाख रुपए है। इसके अलावा एक लाख 14 हजार की गोल्ड ज्वैलरी भी मिली है। इसके अलावा पूर्व रक्षा मंत्री और मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 20 गिफ्ट मिले हैं, जिनमें से ज्यादातर का वैल्यूएशन नहीं हो पाया है।

अफसरों को शहद, शराब, साड़ी और सोने की चूड़ियां भी

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मंत्रियों के अलावा भारत सरकार के विभिन्न अफसरों को भी इस साल कई दिलचस्प तोहफे मिले हैं. इनमें शहद और शराब की बोतलों से लेकर साड़ियां और सोने की चूड़ियां तक शामिल हैं. एनएसए डोवाल को शहद की 12 बोतलें गिफ्ट में मिली हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर को 10 हजार की साड़ी मिली है। वहीं इराक की राजधानी बग़दाद में भारतीय दूतावास के अफसरों को सोने की चूड़ियां गिफ्ट में मिली हैं. जिनकी कीमत 31 हजार रुपए आंकी गई है. मंत्रालय में डायरेक्टर अमित तेलंग को शराब की तीन बोतलें मिली हैं. जिनकी कीमत करीब साढ़े चार हजार रुपए है.

7 महीने में मोदी को ही नहीं अफसरों को गुमनाम लोगों ने भेजे आईफोन, सोने के बिस्किट 

विदेश मंत्रालय से जारी लिस्ट के मुताबिक 2016 से 2018 के दौरान सरकार के विभिन्न पदाधिकारियों को गुमनाम गिफ्ट भी भेजे गए हैं। इनमें आईफोन, सोने के बिस्किट से लेकर भगवद् गीता तक हैं।

सोने के बिस्किट- 40 ग्राम –डॉ. हसमुख अढिया, पूर्व राजस्व सचिव —-1.26 लाख रुपए
आईफोन-7 ——-डॉ. हसमुख अढिया, पूर्व राजस्व सचिव ————————46,000 रुपए
चांदी का सिक्का- —-50 ग्राम डॉ. हसमुख अढिया, पूर्व राजस्व सचिव——— 2,100 रुपए
भगवद् गीता ———एस जयशंकर (जब विदेश सचिव थे) —————————36,000 रुपए
आयरन पीकॉक ——-एस जयशंकर (जब विदेश सचिव थे) ———————–2,500 रुपए
लकड़ी की वीणा ——–एस जयशंकर (जब विदेश सचिव थे) —————————-2,000 रुपए

मंत्रियों, अफसरों को विदेशों से मिले गिफ्ट को लेकर ये हैं नियम

भारत सरकार और राज्य सरकार के मंत्रियों और अफसरों को विदेशों से मिलने वाले तोहफों या उपहारों को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय से केंद्र और राज्यों के मंत्रियों के लिए जारी “कोड ऑफ कंडक्ट फॉर मिनिस्टर्स’ के नियम 4.2 के मुताबिक इन उपहारों को दो कैटेगरीज़ में बांटा गया है. पहली कैटेगरी में वे उपहार शामिल हैं जो प्रतीकात्मक प्रकृति के हैं। जैसे स्वॉर्ड ऑफ ऑनर, औपचारिक वस्त्र आदि.इन्हें प्राप्तकर्ता अपने पास रख सकते हैं। दूसरी कैटेगरी में वे वस्तुएं हैं जो प्रतीकात्मक नहीं हैं.

  • तोहफे की कीमत पांच हजार रुपए तक है तो उसे प्राप्तकर्ता अपने पास रख सकता है.
  • – अगर उपहार की कीमत पांच हजार रुपए से ज्यादा है तो उसे विदेश मंत्रालय के तोषाखाना में सौंपना होता है. ऐसे उपहार को कोई अपने पास रखना चाहता है, तो उसे कीमत का अंतर चुकाना होगा.
  • – किसी उपहार की कीमत का अगर पता नहीं चल पाता है तो उसे वैल्यूएशन के लिए तोषाखाना को भेजा जाता है.
  • – पांच हजार रुपए से अधिक कीमत की कुछ हाउसहोल्ड वस्तुएं जैसे- कारपेट्स, पेंटिंग्स, फर्निचर आदि को राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री निवास और राज्यों के मामले में वहां के राजभवन में रख दिया जाता है.

(स्रोत- विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, pmmementos.gov.in)