मन की बात में बोले पीएम मोदी-कृषि में Modernization वक्त की जरूरत है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि कृषि में Modernization की तत्काल आवश्यकता है क्योंकि पहले ही बहुत समय बर्बाद हो चुका है । ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मोदी ने भारत में कोविड-19 के खिलाफ चलाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की तारीफ की और ‘दवाई भी, कड़ाई भी’ की बात पर जोर दिया।

कोरोना वॉरियर्स की तारीफ की

उन्होंने पिछले साल के ‘ताली थाली’ और दीपक जलाने के अभियान को याद करते हुए कहा कि यह अभियान ‘कोरोना योद्धाओं’ के दिल को छू गया । उन्होंने कहा, “यही कारण था कि वह बिना रुके, बिना थके पूरे साल डटे रहे। उन्होंने अडिग होकर देश के प्रत्येक नागरिक की जान बचाने के लिए संघर्ष किया ।’ उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक पद्धतियां अपनाना आवश्यक है और जीवन के हर आयाम में नयापन, आधुनिकीकरण अनिवार्य है।

कृषि में Modernization से मिलेगा रोज़गार


प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 75वीं कड़ी में कहा, ‘भारत के कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण वक्त की जरूरत है। इसमें देरी की गई और हमने पहले ही बहुत समय गंवा दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने, किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ ही New options, innovation को अपनाया जाए।’

मधुमक्खी पालन पर ज़ोर दिया

मोदी ने कहा कि देश ने श्वेत क्रांति के दौरान यह देखा और मधुमक्खी पालन भी ऐसे ही विकल्प के रूप में सामने आ रहा है। मोदी ने कहा कि देश में मधुमक्खी पालन, शहद या मीठा क्रांति की आधारशिला बन रहा है और बहुत से किसान इसे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के सुंदरबन क्षेत्र के प्राकृतिक ऑर्गेनिक शहद की देश और विदेश में बहुत मांग है।

कृषि में Modernization इसलिये ज़रूरी–पीएम

प्रधानमंत्री ने गुजरात के बनासकांठा और हरियाणा के यमुनानगर का उदाहरण देते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के किसानों ने मधुमक्खी पालन अपना कर अपनी आय में वृद्धि की है। उन्होंने कहा, मधुमक्खी पालन से केवल शहद से ही आय नहीं होती बल्कि मधुमक्खी का मोम भी आय का अच्छा स्रोत है। मधुमक्खी के मोम की मांग हर चीज में है… दवा कंपनियां, खाद्य पदार्थ, कपड़ा और सौंदर्य प्रसाधन।’

आत्मनिर्भर अभियान में योगदान दे रहे हैं किसान-पीएम

उन्होंने कहा, आज हमारा देश मधुमक्खी का मोम आयात करता है लेकिन हमारे किसान तेजी से स्थिति में परिवर्तन ला रहे हैं… और इस तरह वे आत्मनिर्भर अभियान में योगदान दे रहे हैं।’ रेडियो पर प्रसारित कार्यक्रम के दौरान मोदी ने यह भी याद किया कि पिछले साल मार्च में देश ने पहली बार जनता कर्फ्यू के बारे में सुना था । प्रधानमंत्री की अपील पर पिछले साल 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया था। उन्होंने कहा, ‘शुरुआत से ही भारत के लोगों ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ी।’
मोदी ने कहा कि पिछले साल इस वक्त यह सवाल खड़ा था कि क्या कोविड-19 के लिए कोई टीका आएगा और यह कब तक आएगा ।

कृषि में Modernization के अलावा टीकाकरण पर ज़ोर

उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भारत में चलाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सभी से टीका लगवाने का आग्रह किया । प्रधानमंत्री ने कहा, हम पूरे देश से ऐसी खबरें सुन रहे हैं जिसने हमारे दिलों को छू लिया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर की रहने वाली 109 वर्षीय मां राम दुलैया जी ने टीका लगवाया है। इसी प्रकार दिल्ली के 107 वर्षीय केवल कृष्ण जी ने टीका लगवाया है । हैदराबाद के 100 वर्षीय जय चौधरी जी ने भी टीके की खुराक ली है। मैं सभी से टीका लगवाने का आग्रह करता हूं।’

‘वैक्सीन सेवा’

उन्होंने कहा, मैं देख रहा हूं कि अपने घर के वयोवृद्ध सदस्यों को टीका लगवाने के बाद लोग ट्विटर फेसबुक पर चित्र साझा कर रहे हैं। केरल के एक युवा आनंदन नायर ने इसे ‘वैक्सीन सेवा’ नाम दिया है।’ मोदी ने यह भी कहा कि भारत की ‘नारी शक्ति’ खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है और उन्होंने क्रिकेटर मिताली राज और बैटमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु के हाल के प्रदर्शन की तारीफ की।

‘मन की बात’ की 75वीं कड़ी में कृषि में Modernization की बात

‘मन की बात’ की 75 कड़ी पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में ‘हमने यह सफर शुरू किया था’लेकिन ऐसा लगता है जैसे कल ही की बात हो। उन्होंने इसके लिए सभी श्रोताओं का आभार जताया।