जानें क्या हैं कुम्भ मेला 2019 के मुख्य आकर्षण

पेशवाई (प्रवेशाई) यानी अखाड़ों का स्वागत

साल 2019 के महाकुम्भ के लिये कई आयोजन किये गये हैं। यहां हम इस मेले के आकर्षणों का ज़िक्र कर रहे हैं। कुंभ में पेशवाई का महत्वपूर्ण स्थान है। ‘पेशवाई में साधु-सन्त अपनी टोलियों के साथ बड़े धूम-धाम से प्रदर्शन करते हुए मेले में पहुंचते हैं। हाथी, घोड़ों, बग्घी, बैण्ड आदि के साथ निकलने वाली पेशवाई के स्वागत एवं दर्शन हेतु पेशवाई मार्ग के दोनों ओर भारी संख्या में श्रद्धालु एवं सेवादार खड़े रहते हैं जो शोभायात्रा के ऊपर पुष्प वर्षा और माल्यापर्ण कर अखाड़ों का स्वागत करते हैं।

सांस्कृतिक संयोजन

कुम्भ मेला, 2019 में पांच विशाल सांस्कृतिक पंडाल स्थापित किये जायेंगे जिनमें प्रतिदिन सांगीतिक प्रस्तुति से लेकर पारंपरिक एवं लोक नृत्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जायेगी। सभी पंडालों में गंगा पंडाल सबसे विशाल होगा और अधिकतर बड़े समारोह यहीं आयोजित किये जायेंगे।

नए और आकर्षक टूरिस्ट वॉक

उत्तर प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये टूरिस्ट वॉक का आयोजन करेगी जिसमे एक टूर सर्किट बनाया गया है जो की इस प्रकार है।

यात्रा का आरंभ बिन्दु: शंकर विमान मण्डपम

पहला पड़ाव: बड़े हनुमान जी का मंदिर

दूसरा पड़ाव: पतालपुरी मंदिर

तीसरा पड़ाव: अक्षयवट

चौथा पड़ाव: इलाहाबाद फोर्ट

भ्रमण का अंतिम बिन्दु: रामघाट

जलमार्ग

जल परिवहन प्राचीन काल से नदियों, झीलों व समुद्र के माध्यम से मानव सभ्यता की सेवा करता आ रहा है। कुम्भ 2019 के अवसर पर भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण यमुना नदी पर संगम घाट के निकट फेरी सेवाओं का संचालन कर रहा है। इस सेवा के लिए जल मार्ग सुजावन घाट से शुरू होकर रेल सेतु (नैनी की ओर) के नीचे से वोट क्लब घाट व सरस्वती घाट से होता हुआ किला घाट में समाप्त होगा। इस 20 किमी0 लम्बे जल मार्ग पर अनेक टर्मिनल बनाये जायेंगे और बेहतर तीर्थयात्री अनुभवों के लिए मेला प्राधिकरण नौकायें व बोट उपलब्ध करायेगा।

लेजर लाइट शो

कुम्भ मेला 2019 में भारी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिये लेज़र लाइट शो का आयोजन किया जायेगा।

प्रमुख स्नान तिथियां

कुम्भ के सभी दिन पवित्र माने गये हैं किन्तु कुछ तिथियां विशेष मानी गयी हैं और इन पर शाही स्नान का आयोजन किया जाता है। शाही स्नान कुंभ मेला का प्रमुख स्नान है एवं मुख्य आकर्षण भी हैं। केवल शाही स्नान के पश्चात् ही सर्व साधारण को स्नान की अनुमति दी जाती है। इस बार जो प्रमुख शाही स्नान की तिथियां घोषित की गयी हैं, वे हैं:

मकर संक्रान्ति (15 जनवरी, 2019)

पौष पूर्णिमा (21 जनवरी, 2019)

मौनी अमावस्या (4 फरवरी, 2019)

बसंत पंचमी (10 फरवरी, 2019)

माघी पूर्णिमा (19 फरवरी, 2019)

महाशिवरात्रि (4 मार्च , 2019)

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