कसौटी में ‘मि. बजाज’ की भूमिका मिलने से खुश हैं करण ग्रोवर

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कसौटी में ‘मि. बजाज ‘ के किरदार के करण सिंह ग्रोवर नज़र आ रहे हैं। करण सिंह के इस लुक को खूब लाइक किया जा रहा है। हाल ही में उनकी पत्नी बिपाशा बसु ने भी उनकी तारीफ कर डाली है। करण से जानते हैं कि उन्होंने इस किरदार को क्यों चुना।

क्या कहते हैं करण

करण कहते हैं कि बाकी सारी चीजों की तरह टेलीविजन में भी बदलाव हो रहा है, इसमें काफी नई चीजें जुड़ी हैं और अब इसमें कई आयाम जुड़ गये हैं। इसलिये, यह बहुत अच्‍छी बात है कि सारी चीजें, यहां तक कि दर्शक भी जागरूक हो गये हैं और अब यह आजकल के टेलीविजन के कार्यक्रमों से साफ हो जाता है। लोग देख सकते हैं कि आज के दौर में दर्शकों का रुझान किस तरफ है।

आप ‘कसौटी जिंदगी के’ के पहले सीजन का हिस्‍सा रहे हैं और अब मिस्‍टर बजाज की भूमिका निभाकर कैसा लग रहा है?

कसौटी में 'मिस्‍टर बजाज '

कसौटी में ‘मिस्‍टर बजाज ‘ के किरदार के करण सिंह ग्रोवर नज़र आ रहे हैं। करण सिंह के इस लुक को खूब लाइक किया जा रहा है।

कसौटी में ‘मि. बजाज’: पहली चीज जो मेरे दिमाग में आयी वो थी पहले सीजन में निभायी गयी मेरी शरद की भूमिका। इस शो में मेरा सबसे महत्‍वपूर्ण सीन था, जब प्रेरणा मेरी असलियत जान जाती है और मैं उसके लिये खड़ा होता हूं। मुझे याद है किस तरह श्‍वेता तिवारी ने मुझे अपनी लाइनें याद करने में मेरी मदद की थी और यह भी सिखाया था कि उसे किस तरह करना है। उन्‍होंने मेरी काफी मदद की थी, वह बहुत प्‍यारी हैं और यह बात मुझे सबसे ज्‍यादा पसंद आयी थी। दूसरी बात मुझे याद है कि एक बार मेरा एक सीन मिस्‍टर बजाज, रॉनित रॉय के साथ था और मैं बहुत ज्‍यादा नर्वस था, जिसकी वजह से मैं अपने डायलॉग भूल रहा था। लेकिन वह वाकई बहुत अच्‍छे इंसान हैं और काफी विनम्र भी। वह हर किसी की हौसलाअफजाई करते हैं, जोकि नये होते हैं और उनमें काफी धैर्य भी है। उन्‍होंने मुझसे कहा था, मैं जितनी बार चाहूं इसे कर सकता हूं, लेकिन उसे सही तरीके से करूं। उनकी यह बात बहुत ही अच्‍छी है। लेकिन अब मैं मिस्‍टर बजाज की भूमिका निभा रहा हूं, इसलिये यह बहुत ही अलग तरह का अहसास है।

कसौटी में ‘मि. बजाज’ अपने किरदार के बारे में बतायें?
Karan-Singh-Grover-Kasauti

मैं एक बार फिर इस शो के साथ जुड़कर बेहद उत्‍साहित हूं और वह भी मिस्‍टर बजाज के मशहूर किरदार में। पुराने सीजन के मिस्‍टर बजाज के उस स्‍वाद को बरकरार रखते हुए नये मिस्‍टर बजाज पूरी तरह अलग होंगे। मिस्‍टर बजाज एक क्रूर किस्‍म का बिजनेस टायकून है, जोकि प्रेरणा और अनुराग की जिंदगी में एंट्री करने को तैयार है। अनुराग बासु से उसका कोई पुराना नाता है। वह आज के जमाने का बिजनेसमैन है, जिसे अपने तरह का रोमांच पसंद है। चूंकि, मुझे बच्‍चे पसंद हैं, इसलिये इस शो में एक पिता की भूमिका निभाने के लिये मैं उत्‍सुक हूं और मेरी बेटी का किरदार निभा रहीं, बाल कलाकार के साथ जुड़ने का मुझे इंतजार है।

मिस्‍टर बजाज का प्रसिद्ध किरदार निभाने की क्‍या वजह रही?

यह किरदार चुनौतीपूर्ण होने के साथ रोचक भी है। मैं किसी ऐसी चीज में अपने हाथ आजमाना चाहता था, जोकि एक एक्‍टर के तौर पर मेरे अंदर की सबसे बेहतरीन चीज बाहर लेकर आये। इस किरदार में कई सारे लेयर्स और शेड्स हैं, जोकि शो के आगे बढ़ने के साथ सामने आते जायेंगे। मैं खुद को खुशकिस्‍मत मानता हूं, क्‍योंकि सामान्‍य तौर पर जो पहले इस शो का हिस्‍सा रह चुके हैं, वह इसका दोबारा हिस्‍सा नहीं बनना चाहते हैं, उन्‍हें लगता है कि शायद यह पिछले सीजन की तरह इतना बेहतर नहीं है। मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे कुछ ऐसा ऑफर किया गया जोकि काफी अलग है, जिसमें तुलना करने जैसी कोई गुंजाइश ही नहीं थी। इसलिये, मेरे पास हां कहने के अलावा और कोई विकल्‍प नहीं था, क्‍योंकि उसमें ऐसा कुछ नहीं था, जिसके बारे में सोचा जाये।

इस किरदार में रॉनित रॉय से आपकी तुलना होगी, इस चुनौती को कैसे डील करेंगे?

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मिस्‍टर बजाज आज भी दर्शकों के दिलोदिमाग में बसे हुए हैं और उन उम्‍मीदों पर खरा उतरना एक चुनौती होगी। रॉनित रॉय ने मिस्‍टर बजाज के किरदार में जान फूंक दी थी और बड़ी ही खूबसूरती से उसे निभाया था। मैं इस किरदार में अपना रंग मिलाऊंगा और उम्‍मीद करता हूं कि इसके साथ न्‍याय कर पाऊंगा। मिस्‍टर बजाज को आज के दौर और समय के अनुसार तैयार किया गया है। वह पहले से कहीं ज्‍यादा मॉडर्न और कंटेम्‍पररी होगा, जहां आज की पीढ़ी पहले से तुलना कर सके और एक दशक बाद भी इस किरदार की प्रासंगिकता को समझ सके।

आपका रोल रॉनित रॉय से कैसे अलग है?

उस समय से लेकर आज तक यह किरदार पूरी तरह बदला नहीं है, लेकिन इसमें काफी सारे लेयर्स शामिल किये गये हैं और कई सारे आयाम जोड़े गये हैं। वह बेचैन रहता है, हमेशा ही अपनी जिंदगी में रोमांच चाहता है। पिछले सीजन में वह जितना क्रूर बिजनेसमैन था, इस बार भी वैसा ही है। लेकिन इस बार कुछ बारीक रेखाएं भी हैं, यदि आपने जरा भी चूक की तो वहीं आपका अंत है। लेकिन, वह ऐसे में ही रहना पसंद करता है, हंगामे से उसकी यारी है और उसे शोर-शराबा ही पसंद है, खासतौर से तब जबकि उसने ही ऐसा किया हो। यही एक चीज है जो काफी अलग है। साथ ही, जैसा कि पहले भी मैंने कहा कि समय के साथ सारी चीजें बदलती हैं, यह किरदार भी कई और रंगों के शामिल होने के साथ बदला है।

मिस्‍टर बजाज की भूमिका निभाना बेहतरीन अनुभव है और मैं एकता कपूर का शुक्रगुजार हूं कि उन्‍होंने मुझे यह मौका दिया और उन्‍होंने मुझ पर भरोसा जताया कि मैं इस किरदार को निभा सकता हूं। मेरा नाम तय होने से पहले एकता कपूर और उनकी टीम के साथ एक-दो बार चर्चा हुई। मैं मिस्‍टर बजाज की भूमिका निभाने के लिये काफी उत्‍सुक हूं और बेसब्री से दर्शकों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा हूं।

एक्‍टर्स बुजुर्ग का किरदार निभाने में संकोच करते हैं, आपने इस रोल को क्यों चुना?

इस मामले में मैं थोड़ा अलग हूं, क्‍योंकि मुझे अपनी उम्र से ज्‍यादा बड़े की भूमिका निभाना पसंद है। मैंने कोशिश की है कि यह किरदार अपना असर दिखाये, क्‍योंकि यह बताता है कि आपने कुछ हासिल किया है, आपको सीखने का मौका मिला है और शायद इसलिये आपके बाल सफेद हो रहे हैं। मुझे पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही जीवन में बालों के सफेद होने से कोई परेशानी नहीं है। मुझे ऐसा लगता है कि इससे आप और बेहतर होते हैं। इसलिये, मेरे लिये यह मुश्‍किल नहीं है, बल्‍कि बहुत अच्‍छा और अलग है।

आप हमेशा से ही फिटनेस के दीवाने रहे हैं, लेकिन उम्र के साथ क्‍या आपके जीवन में फिटनेस का पहलू बदला है?

कसौटी में मि.बजाज
कसौटी में मि.बजाज

उम्र के साथ निश्‍चित रूप से बदलाव आया है, क्‍योंकि आप जितना जीते हैं, उतना अनुभव हासिल करते हैं और आपकी जानकारी पहले से भी ज्‍यादा बढ़ती है, इसलिये कोई पहले जिस तरह का तरीका इस्‍तेमाल कर रहा होता है, वह उसी तरह बरकरार नहीं रहता है। इसकी वजह है कि पूरी दुनिया में फिटनेस का अर्थ, उद्देश्‍य बदल गया है। और आज यह बात पहले से कहीं ज्‍यादा स्‍पष्‍ट हो चुकी है कि इसकी जरूरत क्‍यों है। आज के दौर में लोगों के फिट रहने का लक्ष्‍य बदल गया है, यह अच्‍छा है, क्‍योंकि सही मायने में इसका इस्‍तेमाल हो रहा है।

हमारे पास जो शरीर है , उसका हमें अच्‍छी तरह ध्‍यान रखना चाहिये, क्‍योंकि हम सब कम से कम 100 साल के लिये जीना चाहते हैं। और इसके लिये हमें अपनी लाइफस्‍टाइल किस तरह बदलनी चाहिये, हमें फिटनेस को किस तरह लेना चाहिये यह अब स्‍पष्‍ट हो गया है। तो उम्र के साथ यह एक चीज बदली है। बिपाशा और मैंने काफी सारी चीजें शामिल की हैं और कुछ चीजों को हटाया भी है। मैं काफी कैलेस्‍थैनिक्‍स करता था और साथ ही योगा की भी प्रैक्‍टिस किया करता था, इस तरह मैं फिटनेस का मिला-जुला रूटीन फॉलो करता हूं, लेकिन अब मेरे पास इसे फॉलो करने का समय नहीं होता है। इसलिये, मैं वजन उठाने को कम से कम करने की कोशिश करता हूं और अपने वजन को सही किया, जोकि एक्‍सरसाइज करने का सबसे बेहतर तरीका है।