Liquor more expensive in Himachal- देना होगा कोविड सेस, राहत कोष में जाएंगे 10 करोड़

vLiquor more expensive in Himachal
Liquor more expensive in Himachal

Liquor more expensive in Himachal-हिमाचल प्रदेश सहित देश भर में कोरोना महामारी अब भले ही खत्म होने के कगार पर है, लेकिन इसके बावजूद हिमाचल में मदिरा के शौकीनों को अभी भी कोविड सेस चुकाना होगा। राज्य की जयराम ठाकुर सरकार ने वर्ष 2022-23 के दौरान भी शराब पर कोविड सेस लगाने को हरी झंडी दे दी है। सरकार द्वारा नई आबकारी नीति को लागू करने के बाद कोविड सेस जारी रखने की अधिसूचना सरकार ने जारी की है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2020 से शराब पर सरकार कोविड सेस वसूल रही है।

वर्ष 2020 से शराब पर सरकार कोविड सेस वसूल रही है

Liquor more expensive in Himachal
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प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित नई आबकारी नीति के अनुसार देसी शराब की बोतल पर ढाई रुपए, अंग्रेजी शराब की बोतल पर पांच रुपए, बीयर पर ढाई रुपए, आयातित अंग्रेजी शराब पर साढ़े 12 रुपए और आयातित बीयर की प्रति बोतल पर पांच रुपए कोविड सेस मदिरा के शौकीनों को देना होगा। कोविड सेस से प्राप्त होने वाली राशि से दस करोड़ रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष में जाएंगे। नई आबकारी नीति में शराब की प्रत्येक बोतल पर सरकार ने अढ़ाई रुपए गौवंश सेस भी लगाया है।

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प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति के अनुसार होटलों, बार और रेस्तरां के अलावा क्लबों में बार लाइसेंस फीस भी बढ़ा दी है। अधिसूचित नई आबकारी नीति में कहा गया है कि इस नीति में किए गए संशोधन का मकसद देसी व अंग्रेजी शराब की थोक व रिटेल दरें तय करना भी है।

Excise Bonded Ware House का लाइसेंस लेने के लिए 12 लाख तक शुल्क

नई नीति के लागू होने के बाद प्रदेश Excise Bonded Ware House का लाइसेंस लेने के लिए 12 लाख तक शुल्क देना होगा। शराब की बिक्री का एल-1 लाइसेंस का शुल्क 20 लाख होगा। यह शुल्क तीन लाख प्रूफ लीटर तक शराब की बिक्री करने वाले कारोबारी को देना होगा। चार सितारा होटलों में शराब के लाइसेंस का शुल्क 8 लाख, 5 Star अथवा उससे ऊपर की रेटिंग के होटलों में 10 लाख, 51 से 75 कमरों वाले होटल में साढ़े तीन लाख, 26 से 50 कमरों वाले होटल में ढाई लाख तथा 7 से 25 कमरों वाले होटल में बार लाइसेंस शुल्क सवा लाख रुपए तय किया गया है। अलबत्ता सरकार की नीति के तहत जनजातीय इलाकों में होटलों में लाईसेंस शुल्क कम तय किया गया। 100 से कम सदस्यों वाले क्लब का लाइसेंस शुल्क 4 हजार तथा इससे अधिक सदस्यों वाले क्लब का शुल्क 15 हजार रुपए तय किया गया है।