Lataji Fought With Rafi On This Song- फिल्म माया के इस गीत पर हुयी लड़ाई 4 साल तक चली

lata mangeshkar
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Lataji fought with Rafi on this song-लता जी अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनसे जुडी कई यादें हैं .ऐसी ही कुछ यादें हम आपके साथ साझा कर रहे हैं. 1961 की फिल्म ‘माया’ के गाने ‘ तस्वीर तेरी दिल में’ के दौरान स्टूडियो में लता और रफी साहब की गायकों की रॉयल्टी पर ऐसी बहस छिड़ी की दोनों ने साथ काम न करने का फैसला लिया। लता ने इंडस्ट्री में सभी सिंगर्स की आवाज उठाते हुए उनके लिए रॉयल्टी की मांग की थी। सभी गायकों ने मीटिंग रखी, लेकिन रफी साहब, लता और रॉयल्टी मांग रहे सभी सिंगर्स की सोच के खिलाफ थे। रफी साहब ने लता से कहा कि वो अब उनके साथ गाना नहीं गाएंगे। इंडस्ट्री में नई आईं गुस्से की तेज लता ने जवाब में कहा, आप क्या मेरे साथ गाना नहीं गाएंगे, मैं खुद कभी आपके साथ नहीं गाऊंगी। दोनों ने करीब 4 साल तक साथ में गाना नहीं गाया, न ही कोई मंच साझा किया।

Lataji fought with Rafi on this song-तस्वीर तेरी दिल में

साल 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ के गाने दिल पुकारे आ रे आ रे को लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने अपनी सुरीली आवाज दी थी। इस गाने को मोहम्मद रफी और लता जी के चार साल पुराने झगड़े को सुलझाने का क्रेडिट देना गलत नहीं होगा। 1967 में संगीतकार जयकिशन के कहने पर रफी साहब ने लता से चिट्ठी लिखकर माफी मांगी। 1967 में आरडी बर्मन के एक समारोह में दोनों ने इसी साल रिलीज हुई फिल्म ‘ज्वेल थीफ’का ये गाना गाया और झगड़ा खत्म कर लिया।

Lataji fought with Rafi-चार साल पुराने झगड़े को सुलझाने का क्रेडिट….

लता मंगेशकर ने फिल्म ‘जिद्दी’ में पहली बार किशोर कुमार के साथ ये कौन आया रे गाना गाया था। इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय ही पहली बार लता और किशोर की मुलाकात हुई थी। करियर की शुरुआत में लता दी लोकल ट्रेन पकड़कर स्टूडियो जाती थीं। एक दिन महालक्ष्मी स्टेशन में एक व्यक्ति कुर्ता पजामा पहने और छड़ी लिए उनके कंपार्टमेंट में चढ़ गया। लता जी को वो शख्स जाना पहचाना लग रहा था, लेकिन उनका ख्याल साफ नहीं था। जब उन्होंने लोकल से उतरकर तांगा लिया तो वो शख्स भी तांगे से पीछे आने लगा।

जब किशोर कुमार से डर गयी लता

लता जी घबरा गईं और तेजी में स्टूडियो पहुंची, यहां भी वो शख्स पीछे ही आ रहा था। स्टूडियो पहुंचकर उन्होंने संगीतकार खेमचंद्र के पास जाकर कहा, ये कौन है, जो मेरा पीछा कर रहा है। खेमचंद्र ने पीछे देखा तो हंसने लगे और कहा ये किशोर कुमार है, अशोक कुमार का भाई। प्लेबैक सिंगर के रूप में ये किशोर दा की पहली फिल्म थी, जिसमें उन्होंने देव आनंद को आवाज दी थी। कुछ इस तरह संगीत की दुनिया के दो सबसे बड़े सितारों की पहली मुलाकात हुई थी।

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1960 की फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में लता जी मधुबाला की आवाज बनी थीं। म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद ने 150 गानों को रिजेक्ट करने के बाद प्यार किया तो डरना क्या… सिलेक्ट किया था। इस गाने में जो गूंज नौशाद साहब को चाहिए थी, वो स्टूडियो में नहीं थी। ऐसे में उन्होंने लता जी से बाथरुम में ये गाना रिकॉर्ड करवाया था। उस जमाने में 10-15 लाख में पूरी फिल्म बना करती थी, लेकिन इस गाने में पूरे 10 लाख रुपए का खर्च आया था। मधुबाला लता की आवाज की ऐसी दीवानी थीं कि उन्होंने फिल्मों में काम करने की शर्त रखी थी कि उन्हें लता जी ही आवाज देंगी।