चारा घोटाला मामले में लालू यादव रिहा हुए, दिल्ली एम्स में चल रहा है राजद सुप्रीमो का इलाज

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चारा घोटाले के तीन विभिन्न मामलों में सजा पाने के बाद लालू यादव रिहा हुए। 3 दिसंबर, 2017 से जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सीबीआई की विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार शाम न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया। जमानत बांड और एक-एक लाख रुपये मूल्य के दो निजी मुचलके यहां केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में प्रस्तुत किये गये जिसने लालू की रिहाई के आदेश दिये। यद्यपि लालू अभी भी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाजरत हैं, इसलिए अस्पताल से उनकी छुट्टी के बारे में अब एम्स प्रशासन को निर्णय लेना है।

लालू यादव रिहा हुए, विशेष सीबीआई अदालत का फैसला

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झारखंड के कारागार महानिरीक्षक वीरेन्द्र भूषण ने बताया कि विशेष सीबीआई अदालत के रिहाई के आदेश के बाद आज लालू यादव को शाम को न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि राजद सुप्रीमो की रिहाई के आदेश की प्रति रांची स्थित बिरसा मुंडा जेल के अधिकारियों ने आज नयी दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक एवं वहां के अन्य अधिकारियों को मेल कर दी तथा वहां स्थित सुरक्षा अधिकारियों को भी इसकी सूचना दे दी गई।

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Legal council of india ने क्या कहा…

Legal council of india ने बुधवार को जारी अपने निर्देश में कहा था कि अदालतों से जमानत पाने के बाद भी न्यायिक हिरासत में किसी कैदी का बंद रहना न्याय विरुद्ध है । लिहाजा उसने देश की सभी विधिज्ञ परिषदों को निर्देश दिया था कि वह जमानत प्राप्त लोगों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी करने की अधिवक्ताओं को अनुमति दें जिससे ऐसे लोगों की रिहाई सुनिश्चित करायी जा सके। परिषद् के इस दिशा निर्देश के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत जेल में बंद सैकड़ों लोगों को आज राहत मिली।

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लालू यादव रिहा हुए, देवघर कोषागार से गबन मामले में पहले ही मिल चुकी है बेल

चाईबासा के इस मामले के अलावा लालू को पूर्व में देवघर कोषागार से गबन और चाईबासा के एक अन्य मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है लेकिन दुमका कोषागार से गबन के मामले में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है जिसके चलते अभी उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। लालू को चारा घोटाले के चाईबासा मामले में जमानत के लिए पचास पचास हजार रुपये के दो निजी मुचलके देने साथ ही इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दी गयी जुर्माने की सजा के दो लाख रुपये भी सीबीआई की विशेष अदालत में जमा कराने होंगे।