तहरी या पुलाव जितने रंग उतने ज़ायके

soya badi wali tehri

तहरी या पुलाव के कई रूप मिलते हैं। कश्मीरी पंडितों और कायस्थ रसोइयों में तहरी की अलग ही बहार होती है। कश्मीर तो स्ट्रीट फूड के रूप में तहरी बिकती है। मारवाड़ में मंगोड़ी मिलाकर तो यूपी में बड़ियां मिलाकर भी तहरी बनायी जाती है। सर्दियों में तहरी का जलवा ज्यादा होता है जब गोभी—मटर—गाजर जैसी सब्जियों की बहार होती है। खड़े मसालों और सब्जियों के बड़े आकार के टुकड़े काटकर इसमें डाले जाते हैं। यानी ज़ोर फ्लेवर और वेजीटेरियनिज़्म पर रहता है।

सामग्री: 2 लोगों के लिए

tehri pulav soya badi

बासमती चावल: 1 कप

बड़ियां:1/2 कप भुनी हुई

प्याज: 1 लंबी—लंबी कटी हुई

आलू: 1 कटा हुआ

गोभी: 2- 3 छोटे टुकड़े

मटर छिली हुई: 1/3 कप

टमाटर: 1 कटा हुआ

हरी मिर्च: 1

गरम मसाला: 1/4 चम्मच

धनिया: दरदरा पिसा हुआ

जीरा: आधा चम्मच

लौंग: 2 या 3

हल्दी: 1/3आधा चम्मच

बड़ी इलायची: 1

तेज पत्ता: 1 – 2

दाल चीनी: 1 छोटा टुकड़ा

ताज़ा अदरक और लहसुन: आधा चम्मच पिसा हुआ

नमक: स्वादानुसार

वेजीटेबल आॅयल: 1

पकाने में लगने वाला समय:1/2 घंटा

STEP BY STEP- कैसे बनाएं

बासमती चावल चलते पानी में धोकर 20 मिनट भीगने रख दें। अब इन्हें छानकर अलग रखें। पानी को फेंके नहीं, बल्कि इसे चावल पकाते वक्त इस्तेमाल करें।

बड़ियों को भी तेल में भूनें और ब्राउन होने पर तेल में से निकालकर अलग रख लें।

हांडी/ पतीले में तेल गरम करें। जीरा मिलाएं और भूरा होने पर तेज पत्ता, दालचीनी, मोटी इलाची, लौंग डालें। इसमें लहसुन—अदरक का पेस्ट और प्याज मिलाकर सुनहरा होने तक भूनें। इसमें टमाटर, हरी मिर्च, गोभी, आलू, मटर डालें और हिलाते रहें। सब्जियों में हल्दी, गरम मसाला, नमक, धनिया मिलाकर चलाएं। 5 मिनट तक भूनें और इसी में छना हुआ चावल मिलाकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब इस पूरे मिश्रण में भुनी बड़ियां भी मिलाएं।

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इस मिश्रण में पानी डालें और उबाल आने पर आंच हल्की कर दें। ढककर पानी सूखने दें। जब पूरा पानी सूख जाए तो आंच बंद करें। गरम परोसें और घी मिलाकर स्वाद बढ़ाएं।

स्वाद बढ़ाने के लिए अचार , पुदीने की चटनी और मट्ठा या रायता अलग से परोसा जा सकता है।