जानें कौन है वह नेता जिसने कांग्रेस में फूंकी जान

एक दौर था जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस मृतप्राय हो चली थी। ऐसे कठिन वक्त में भूपेश बघेल ने ही पार्टी को मुश्किलों से निकाला। उन्हीं के कंधों पर कांग्रेस की नैय्या पार लगाने की ज़िम्मेदारी थी। झीरम घाटी में अपने बड़े नेताओं की मौत के बाद बघेल ने कांग्रेस को नेतृत्व संकट से निकाला। विधानसभा चुनाव से पहले बघेल ने प्रदेश के कई हिस्सों में पदयात्रा की, कार्यकर्ताओं को जोड़ा, रमन सरकार के खिलाफ माहौल बनाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरा। जब एक वक्त लग रहा था कि रमन सिंह सरकार आसानी से सत्ता से बाहर नहीं हो पाएगी, ऐसी स्थिति में उन्होंने ही कांग्रेस में प्राण फूंके।

 

भूपेश बघेल के पक्ष में जातिगत समीकरण भी बैठा क्योंकि बघेल कुर्मी जाति से आते हैं, जिनकी हिस्सेदारी राज्य की ओबीसी आबादी में लगभग 36 फीसद है। इतना ही नहीं, इस बार के चुनाव में उनकी भागीदारी भी अच्छी रही है। यही वजह है कि अन्य दावेदारों में बघेल आगे निकल गए।

एक समय बीजेपी की बी टीम कही जाने वाले अजीत जोगी और उनके बेटे को उन्होंने पार्टी के बाहर का रास्ता दिखा कर अपने रुख से स्पष्ट कर दिया था कि वह कांग्रेस को मजबूत करने में किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।

सेक्स स्कैंडल में उछला था नाम

एक वक्त था जब भूपेश बघेल पर छत्तीसगढ़ में गंभीर आरोप लगे थे। चुनाव से पहले बीजेपी के मंत्री राजेश मूणत से जुड़ी एक कथित सेक्स सीडी के मामले में भूपेश बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया, तब उन्होंने जमानत लेने से इनकार कर दिया। रमन सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने के कारण ही उनके ऊपर इस तरह के आरोप लगे थे। सेक्स कांड में नाम आने के बाद भी भूपेश का मनोबल नहीं टूटा और वह राजनीति की बिसात पर डटे रहे। एक भूपेश बघेल और दूसरे राज्य के सबसे अमीर विधायक टीएस सिंहदेव। मगर कांग्रेस नेतृत्व ने भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाना ज्यादा बेहतर समझा।

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