कामयाबी के दौर में भी सरल रहें, ऐसे मैनेज करें Success

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कामयाबी के दौर में सरल बने रहना आसान नहीं है। यह इतना ही मुश्किल है जितना फेल होने पर खुद को संभालना। कुछ हासिल कर लेने की सोच हर किसी से टकराव के हालात बना देती है तो कभी सफलता का गुरुर हमारा Cool छीन लेता है । Important है मंजिल पर पहुंचने के बाद भी अपने मुकाम को बनाये रखने की जद्दोज़हद जारी रखना।

कामयाबी के दौर में Patience and Calmness ज़रूरी

Success का रास्ता हो या कामयाबी के बाद की कहानी, भरा व्यवहार अपने मन को तो सुकून देता ही है औरों से भी जोड़े रखता है। यह सुकून बेहतर निर्णय लेने की वैचारिक बुनियाद बनता है। साथ ही व्यवहार की सहजता सफलता के शिखर पर पहुंचने की यात्रा में आपके साथी रहे लोगों को भी साथ बनाये रखती है ।

TipsForSuccess
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आपाधापी, अव्यवस्था और अहंकार से परे रखने वाला यह मन्त्र हर परिस्थिति में शांत और सरल रहना सिखाता है । जो कुछ आपने हासिल किया है, उसे बनाये रखने के लिए यह सहजता बेहद जरूरी हैं । सहज-सरल व्यवहार और विचार इन्सान को उदार और सहयोगी बनाते हैं । ऐसे में जब आप औरों के लिए सोचते हैं, उनका सम्मान करते हैं । तो दूसरे लोग भी आपके साथ बने रहने की चाह रखते हैं । यह सपोर्ट सिस्टम संघर्ष ही नहीं सफलता के दौर में भी जरूरी है । क्षेत्र कोई भी हो कामयाबी के शिखर पर लोगों का यूँ साथ मिलना यह सुनिश्चित करता है कि आप अपनी सफलता को संभाल पायेंगें ।

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कामयाबी के दौर में ज़मीन से जुड़े रहें…

आमतौर पर देखने में आता है कि कुछ पाने या हासिल कर लेने की चाह में आलोचना को लेकर जितनी स्वीकार्यता होती है, सफल होने के बाद वह लगभग खत्म ही हो जाती है । यह बेहद नेगेटिव अप्रोच है । कामयाबी हिस्से आने के बाद भी कोई हर तरह से मुक्क्मल नहीं हो जाता है । कई बार अचानक सफलता मिलने से भी मन अहंकार से भर जाता है । फिर ना तो खुद को अपनी गलतियां दिखाई देती हैं और न ही किसी और के दिखाने से कोई कमियां नजर आती हैं । ऐसी गलती ना करें । हमेशा जमीन से जुड़े रहें ।

पॉज़िटिव सोच रखें

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हालांकि यह आसान नहीं है पर भलाई इसी में है कि आलोचना को स्वीकार करने का माद्दा रखें ।साथ ही दूसरों की कही बातों को लेकर खुद का रिव्यू भी करें । पॉजिटिव सोच के साथ उन बातों पर विचार करें जिनमें आपकी कमियों की ओर इशारा किया गया है । कामयाब लोगों की एक खासियत यह भी होती है कि वे दूसरों के विचारों को खुद पर हावी नहीं होने देते ।लेकिन औरों की राय को पूरा सम्मान देते हुए सुनते जरूर हैं । साथ ही अगर जरूरी हो तो बताई गई कमियों को दूर करने की कोशिश भी करते हैं । कामयाबी को संभालने के लिए यह उदार सोच जरूरी है ।

रुकना नहीं कोशिशें बरकरार रहे

आप चाहे जितने सफल हों, अपने फील्ड में कितने भी आगे क्यों ना पहुँच जाएँ । कामयाबी की दौड़ में बने रहने के लिए भी मेहनत और प्रतिबद्धता की दरकार होती है । इसीलिए आगे बढ़ते रहने की सोच हर हाल में बनी रहे । बेहतरी के लिए कोशिशें करने के लिए हर उम्र और कामयाबी का हर पड़ाव सही है । नई नई चीज़ें सीखते रहें ।अपने आप के प्रति सधी हुई स्वीकार्यता हो पर सीखने से कभी संतुष्ट ना हों । याद रहे कि कामयाबी के रास्ते पर काम कभी नहीं रुकता । अधिकतर सफल लोगों के जीवन को देखें तो वे शिकायत नहीं बल्कि सीखते रहने का ही रास्ता चुनते हैं ।

कॉम्पीटीशन खुद से भी हो

कामयाबी की दौड़ में यह होड़ खुद अपने आप से हो ।हमारे सामाजिक-पारिवारिक माहौल में अगर आप सफल हैं, तो ना सिर्फ खुद को खास समझने की गलती हो जाती है बल्कि आपसे जुड़े लोग भी इस सुप्रिमेसी के भाव को और खाद पानी देने लगते हैं । लेकिन यह भी सच है कि बुरे वक़्त के समय ऐसे लोगों का साथ कभी नहीं मिलता ।विफलता के दौर में वे सबसे पहले आपका साथ छोड़ते हैं । इसीलिए सफलता के गुरुर में ना खुद को बहकने दें और ना ही औरों के बहकावे में आयें । बस, हरदम खुद को बेहतर बनाने की ओर कदम बढ़ाते रहें ।