सच उगलवाने वाली इन दवा ट्रूथ सीरम के बारे में जानते हैं आप…

ट्रूथ सीरम (Truth Serum) यानी सच उगलवाने दवाओं के बारे में सुना है आपने? मार्केट में इस तरह की अनेक दवाएं मौजूद हैं लेकिन शाद हम लोगों में से बहुत कम लोग इनके बारे में जानते हैं।  ऐसा माना जाता है कि ये दवाएं इंसान के दिमाग को प्रभावित करती हैं और इनके प्रभाव से वे झूठ नहीं बोल पाते। इन दवाओं के प्रभाव में इंसान हमेशा सच ही बोलता है। हमह आपको बता रहे हैं कि बाज़ार में वे कौन सी दवाएं हैं जिन्हें सच उगलवाने वाली दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। जानते हैं कि ट्रूथ सीरम (Truth Serum) यानी सच उगलवाने दवा का असर कितना और कैसे होता है। कहा जाता है कि 1920 के बाद इन दवाओं के बारे में पता चला और सीआईए, पुलिस और नाजी जासूसों ने इनका खूब इस्तेमाल किया। अब भी इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन दवाओं में किसी और मकसद से।

ट्रूथ सीरम (Truth Serum) पेंटोथल या सोडियम थायोपेंटल (Pentothal or sodium thiopental)

पेंटोथल जैसी दवाओं को डाउनर्स (downers) कहा जाता है। ट्रूथ सीरम (Truth Serum) यानी सच उगलवाने दवा के सेवन से इंसान को नींद आ जाती है। इस दवा को दर्द से राहत, बेहोश करने, मांसपेशियों को आराम देने और ब्लड प्रेशर को कम करने में इस्तेमाल किया जाता है। ये दवाएं आपके शरीर की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं ताकि आपके दिमाग तक सूचना नहीं पहुंचे। इनके ओवरडोज़ से मौत भी हो सकती है। कई सेलेब्रिटी जैसे मर्लिन मुनरो, जुडी गारलैंड और जिमी हेंड्रिक्स की मौत भी इनके ओवरडोज़ से हुई। कई देशों में इस दवाका इस्तेमाल मौत की सज़ा के तौर पर किया जाता है।

क्या कहती है रिपोर्ट

बिजनस इंसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दवा का इस्तेमाल साल 2007 में नई दिल्ली पुलिस ने नोएडा का एक चर्चित कांड के आरोपी मनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोहली पर किया था।  दोनों पर नोएडा में बच्चों के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या करने का आरोप था। दोनों ने दवाओं के प्रभाव में अपने जुर्म को स्वीकार किया था।

ट्रूथ सीरम (Truth Serum) एथाइल ऐल्कोहल (Ethyl Alcohol)


इटली में एक कहावत है विनो वेरिटास (vino veritas) यानी जहां शराब है, वहां सच है। इस कहावत का श्रेय रोम के एक दार्शनिक प्लिनी द एल्डर (Pliny the Elder) को दिया जाता है। यानी इंसान करीब 2 हजार साल पहले से जानता है कि शराब के सेवन के बाद इंसान की जुबान बहकने लगती है और सच कहना शुरू कर देती है। अगर इसे इसके शुद्ध रूप यानी एथनॉल के रूप में लें तो और ज्यादा राज बाहर आने का खतरा रहता है। एथाइल एल्कोहल मतलब शराब या ट्रूथ सीरम ।

ट्रूथ सीरम स्कोपोलामिन (Scopolamine)

1920 और 1930 के दशक में अमेरिका की पुलिस संदिग्धों पर इसको इस्तेमाल करती थी। कुछ मामलों में तो जजों ने भी दवा के प्रभाव में गवाहों और आरोपियों के बयान लेने की अनुमति दे दी थी। यह दवा एक पेड़ के बीजों से बनाई जाती है। जर्मनी में नाजी जासूस पूछताछ के लिए ट्रूथ सीरम (Truth Serum) का इस्तेमाल करते थे। मौजूदा समय में मोशन सिकनेस और पार्किंसन की बीमारी के झटके को रोकने वाली दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। स्कोपोलामिन को किसी गोली के साथ लिया जा सकता है।

ट्रूथ सीरम (Truth Serum) सोडियम एमिटल या अमोबैरबिटल (Sodium Amytal or Amobarbital)


यह भी एक तरह का डाउनर है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान व्यापक पैमाने पर इसका इस्तेमाल होता था। सैनिक इसे चिंता भगाने वाली दवा के तौर पर सेवन करते थे। नींद न आने की बीमारी को दूर करने के लिए कभी-कभी इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है। एक वयस्क व्यक्ति के लिए इसका 1 ग्राम काफी होता है। ज्यादा खुराक लेने पर मौत भी हो सकती है। अब सच उगलवाने वाली दवा के तौर पर इसका इस्तेमाल नहीं होता है।

असरदार हैं ट्रूथ सीरम (Truth Serum) यानी सच उगलवाने दवाएं?


वॉशिंगटन पोस्ट के रिपोर्टर डेविड ब्राउन ने 2006 में एक आर्टिकल में लिखा था। इसमें कहा गया कि अब तक कोई भी ऐसा फार्मास्टियूकल कंपाउंड सामने नहीं आया है जो इंसान को सच बोलने के लिए मजबूर कर दे। कई मामलों में अमेरिकी अदालतों ने इन दवाओं के इस्तेमाल की अनुमति दी है। अमेरिका के एक टीवी जर्नलिस्ट माइकल मोसली ने खुद पर इसका प्रयोग किया था। पहली डोज लेने के बाद तो वह झूठ बोलने में कामयाब रहा था। दूसरी बार वह सच कहने से खुद को रोक नहीं पाया था।

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