बेटे के कहने पर कॉमेडी किंग बने थे कादर खान

81 साल की उम्र में कॉमेडी किंग और बॉलीवुड अभिनेता कादर खान का निधन हो गया। कादर खान काफी लंबे अरसे से बीमार चल रहे थे। कनाड़ा में उनका इलाज चल रहा था जहां उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांसें ली। इस साल के शुरु में ही बॉलीवुड ने एक ऐसा अभिनेता खो दिया जो न केवल एक अच्छा अभिनेता था बल्कि डायलॉग लिखने, बोलने और अभिनय में भी इन्हें महारथ हासिल थी।

कादर खान ने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय और संवाद लिखे। कादर अपनी बुलंद आवाज़ और ग़ज़ब की कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर थे। अपने करिअर में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दी। दरअसल शुरू में नाटकों और नुक्कड़ में एक्टिंग के बाद कादर ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत एक विलेन के तौर पर की थी। यह वह दौर था जब उनकी गिनती बॉलीवुड के टॉप विलेन में की जाती थी। फिर उन्होंने कॉमेडी की तरफ रुख कर लिया , जिसके पीछे की कहामनी कम दिलचस्प नहीं है।

 

बेटा बोला, ‘पापा विलेन बनना बंद करो’

दरअसल एक दिन उनका बेटा सरफराज स्कूल से लड़ाई कर घर लौटा। जब कादर खान ने बेटे से पूछा कि उन्होंने लड़ाई क्यों की तो सरफराज ने जवाब दिया कि स्कूल में सब उसे विलेन और बुरे आदमी का बेटा कहकर चिढ़ाते हैं। ये सुनकर कादर खान परेशान हो गए। उन्होंने तय किया कि वह फिल्मों में अपने रोल अब वो फिल्मों में अच्छे रोल करेंगे. कादर खान ने हीरो नंबर 1, अंखियों से गोली मारे, राजा बाबू जैसी कई फिल्मों में जबरदस्त कॉमेडी की जो लोगों के जहन में आज भी ताजा है।

अपनी पहली फिल्म दाग में कादर खान ने, अभियोजन पक्ष के वकील की भूमिका निभाई थी। कादर खान बॉम्बे युनिवर्सिटी के इस्माइल युसुफ कॉलेज से इंजीनियरिंग ग्रेज्युएट थे। फिल्मों में करियर बनाने के पहले, कादर खान एमएच सैबू सिद्दिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर थे।

https://youtu.be/d3xYThBWjS8

1973 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने के बाद से, कादर खान ने करिअर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे हैं।

फिल्मों में उन्हें लेकर आने का श्रेय दिलीप कुमार को जाता है एक थियेटर में कादर खान से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कादर खान को अपनी दो फिल्मों सगीना और बैराग के लिए साइन कर लिया। कादर खान के तीन बेटे हैं। उनके एक बेटा कनाडा में रहता है और ऐसा कहा जाता है कि कादर खान के पास कनाडा की भी नागरिकता है। अंतिम समय में कादर खान अपने इसी बेटे के साथ थे।

फिल्म ‘रोटी’ के लिए मनमोहन देसाई ने कादर खान को संवाद लिखने के लिए 1,20,000 रुपये जैसी बड़ी रकम अदा की थी।
अमिताभ की कई सफल फिल्मों के अलावा, कादर खान ने हिम्मतवाला, कुली नं वन, मैं खिलाडी तू अनाड़ी, खून भरी मांग, कर्मा, सरफरोश और धर्मवीर जैसी सुपर हिट फिल्मों के संवाद लिखे। 2013 में, कादर खान को उनके फिल्मों में योगदान के लिए साहित्य शिरोमनी अवॉर्ड भी मिला।

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