जींद में विरासत बचाने की जंग

#jindbyelection
हरियाणा में जींद चुनावी जंग का मैदान बनता जा रहा है । दरअसल जींद में सरकार की साख तो दांव पर है ही साथ में देवीलाल परिवार भी विरासत की जंग से जूझ रहा है। वहीं सूबे में तीसरे नंबर पर खिसक चुकी कांग्रेस के लिये भी यह चुनाव कई मायनों में निर्णायक साबित होने वाला है। एक तरफ जींद के उपचुनाव का फैसला यह तय करेगा कि देवीलाल की विरासत किसकी होगी। दूसरी ओर कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला के भविष्य का भी फैसला इस चुनाव में होने वाला है। कुल मिलाकर जींद का यह उपचुनाव काफी रोचक मोड़ ले चुका है।

चौटाला परिवार में फूट के बाद

प्रदेश के ताऊ देवीलाल ने अपनी विरासत ओमप्रकाश चौटाला को सौंपी थी, लेकिन अब ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय और अभय आमने-सामने आ गए हैं। ओमप्रकाश चौटाला ( om prakash chautala) ने अपनी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (índian national lokdal) की कमान अपने बेटे अभय चौटाला ( abhay chautala) के सुपुर्द कर दी तो दूसरे बेटे अजय चौटाला ( ajay chautala) ने नई जननायक जनता पार्टी ( jannayak janta party) बना डाली।


अजय चौटाला के छोटे बेटे दिग्विजय चौटाला ( digvijay chautala) ने जींद उपचुनाव ( jind bi poll) से ताल भी ठोंक दी। इसके साथ ही दावा कर दिया दादा देवीलाल की विरासत पर दावेदारी का। जाटलैंड में दिग्विजय दावा करते हैं कि देवीलाल युगपुरुष थे और जींद की विरासत पर हक को लेकर जनता जबाब देगी।

कांग्रेस के सियासी समीकरण

जींद उपचुनाव के ज़रिये कांग्रेस प्रदेश में अपनी जड़ें फिर से जमाने की कोशिश में है। हरियाणा में वापसी की आस के चलते जींद जिले की कैथल सीट से विधायक, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है।

बीजेपी ने दिवंगत इनेलो नेता के बेटे कृष्ण मिड्ढा को उम्मीदवार बनाया है। दिलचस्प बात तो यह है कि कांग्रेस छोड़कर निर्दलीय विधायक का चुनाव जीतने वाले जयप्रकाश ( जेपी) को राहुल के कहने पर अहमद पटेल ने साध लिया और अब वे पुरानी दुश्मनी भुलाकर सुरजेवाला के संकटमोचक बन गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here