INS विराट पर कब, कहां और किन-किन लोगों के साथ छुट्टियां मनाने गए थे राजीव गांधी, जानिए पूरा मामला

लोकसभा चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों के बीच दिल्ली के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘जो लोग आज कह रहे हैं कि सेना किसी की जागीर नहीं है, उसी परिवार के लोगों ने आईएनएस विराट को प्राइवेट टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया था।’

मोदी ने कहा कि आईएनएस विराट समुद्र की रखवाली के लिए तैनात था, लेकिन उसका इस्तेमाल राजीव गांधी, उनके परिवार और ससुरालवालों को एक द्वीप पर छुट्टियों के लिए ले जाने के लिए किया गया। पूरे कुनबे को लेकर आईएनएस विराट खास द्वीप पर 10 दिन तक रुका रहा। 

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, नौसेना के जवानों व एक हेलीकॉप्टर को भी उनकी सेवा में लगाया गया। क्या विदेशी लोगों को युद्धपोत पर ले जाकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया था?

पीएम मोदी ने गांधी परिवार की जिस छुट्टी की जिक्र किया उसके बारे में उस समय इंडिया टुडे में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। जिसमें आईएनएस विराट पर राजीव गांधी के परिवार और दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने का जिक्र है। उस वक्त भी तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आईएनएस विराट जैसे वॉरशिप का इस्तेमाल करने को लेकर आलोचना का शिकार होना पड़ा था। 

कब गए थे छुट्टियां मनाने
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1987 में नए साल का जश्न मनाने के लिए अपने परिवार और खास दोस्तों के साथ एक खूबसूरत द्वीप पर छुट्टियां मनाने गए थे। जहां ये 10 दिन रूके रहे।

कहां गए थे छुट्टियां मनाने
लक्षद्वीप के पास स्थित खूबसूरत द्वीप बंगाराम में राजीव गांधी ने अपने परिवार और दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाई थी। आधा किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस द्वीप की खूबसूरती इनकों यहां तक खींच लाई थी। बंगाराम द्वीप के बारे में कहा जाता है कि यह बेहद सुरक्षित और सुंदर जगह है जहां आम आदमी आ-जा सकते हैं।

कौन-कौन था साथ में
राजीव गांधी और सोनिया गांधी के अलावा इस टूर में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गांधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, सोनिया की मां आर माइनो, उनके भाई और मामा शामिल थे। इसके अलावा राजीव गांधी के दोस्त अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और तीन बच्चे भी शामिल थे। तीन बच्चों में अमिताभ के भाई अजिताभ की बेटी भी शामिल थीं।

गोपनीय प्लान हो गया था लीक
गांधी परिवार द्वारा इस टूर की गोपनीयता बनाए रखने के बावजूद इसकी जानकारी मीडिया को लग गई। जिसे लेकर तब काफी विवाद भी हुआ था। इसकी गोपनीयता को बनाए रखने के लिए हवा और जल दोनों से निगरानी बरती गई।