सेना में सेवा का इरादा है तो सीडीएस है न !

कंम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज ( combined defence service) एग्जाम ( EXAM) साल में दो बार होता है। यूपीएससी ( UPSC) संघ लोक सेवा द्वारा साल में दो बार सीडीएस ( CDS) की परीक्षा आयोजित की जाती है। लिखित परीक्षा के बाद उम्मीदवारों को स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड ( SSB) की तरफ से इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है और ट्रेनिंग दी जाती है। नोटिफिकेशन ( NOTIFICATION) आमतौर पर अक्तूबर और जून में जारी किया जाता है।

परीक्षा के लिए आयु सीमा

भारतीय सेना- 19-24 साल
वायुसेना- 19-24 साल
नौसेना- 19-22 साल

सीडीएस ( CDS) क्या है ?

सीडीएस की परीक्षा वे उम्मीदवार देते हैं जिनको भारतीय सेना में भर्ती होना हैं। सीडीएस या फिर संयुक्त रक्षा सेवा में अधिकारी पद पर आने के लिए उम्मीदवार को सीडीएस की परीक्षा देनी होती है। सेना, वायु सेना और नौसेना में दाखिल होने के लिए यही परीक्षा देनी होती है।
यह परीक्षा यूपीएससी के अंर्तगत होती है।

शैक्षणिक योग्यता( QUALIFICATION)

इंडियन मिलिट्री एकेडमी के एग्जाम में शामिल होने के लिए मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन जरूरी है। वहीं नेवी के लिए इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री जरूरी है, जबकि एयरफोर्स एकेडमी की परीक्षा के लिए ग्रेजुएट होने के साथ बारहवीं में मैथ्स और फिजिक्स जरूरी है।

कैसा होता है एग्ज़ाम (EXAM PATTERN)

टेस्ट ऑब्जेक्टिव टाइप ( OBJECTIVE TYPE)  होता है। नेगेटिव मार्किंग ( NEGATIVE MARKING) भी होती है। परीक्षा में मैथ्स और इंग्लिश दो महत्वपूर्ण विषय होते हैं। रिटर्न तीन चरणों में होता है। पहला पेपर अंग्रेजी, दूसरे पेपर में जनरल नॉलेज और तीसरा पेपर एलिमैंट्री मैथेमेटिक्स ( elementary mathematics) से होगा। प्रत्येक पेपर 100 अंकों के होंगे।

कैसे करें तैयारी ( PREPARATIONS)

(1) हर उत्तर के लिए आपको करीब 1 मिनट का समय मिलता है। इसलिए क्विक प्रॉब्लम सोल्विंग बनें, खासकर मैथ्स में, सवाल से संबंधित महत्वपूर्ण फार्मूलों को याद रखें और सवाल को हल करने के लिए शॉर्टकट तरीका सीखें। याद रखें कि यह नियमित प्रैक्टिस से ही होगा और इसके लिये किसी अच्छे ट्यूटर या कोचिंग संस्थान की मदद भी ले सकते हैं।
(2) एक्यूरेसी और स्पीड इस एग्जाम में सफलता दिलाने में खासा योगदान है इसलिए हमेशा ध्यान में रखें कि हर प्रैक्टिस बेहद जरूरी है।
(3) पिछले साल के प्रश्न पत्रों को ज़रूर देखें। सवालों को नोट कर लें और हर चैप्टर से इसका औसत निकाल लें।
(4) अगर एक बार चैप्टर पढ़ लिया है तो इसका कई बार रिवीजन करें, खासकर मैथ्स में यह बेहद जरूरी है। इसके अलावा आप मॉक टेस्ट भी आज़मा सकते हैं। इसके लिए कोई कोचिंग इंस्टीटयूट ज्वाइन करें।
(5) अपनी जनरल अवेयरनेस बढ़ाने के लिए आप बारहवीं तक की एनसीईआरटी की पुस्तकें भी पढ़ें। हिस्ट्री पर विशेष ध्यान दें।

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