हरियाणा में मोदी की सुनामी,’लालों’ और हुड्डा के गढ़ हुए ध्वस्त

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रितेश कुमार झा

दिल्ली से चली नरेंद्र मोदी की सुनामी जब हरियाणा पहुंची तो विकराल रूप धारण कर चुकी थी। नतीजा ये हुआ कि बीजेपी ने यहां क्लीन स्वीप किया…10 का दम दिखाते हुए सभी 10 सीटों पर जीत हासिल की…हुड्डा परिवार से पिता-पुत्र की जोड़ी चुनाव हार गए…तो लालों के परिवार का कोई भी लाल संसद नहीं पहुंच सका….यहां तक कि जिन सीटों पर आज तक कमल नहीं खिल सका था…वे सीटें भी भगवा रंग में रंग गईं। 

विपक्षियों के उखड़े पांव

मोदी के नाम की आंधी में कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के उम्मीदवार भाजपा के आसपास भी नहीं ठहर सके। भाजपा रोहतक, हिसार और सिरसा में आज तक कमल नहीं खिला सकी थी, लेकिन इस बार उसने इन तीनों सीटों पर दमदार जीत हासिल कर हुड्डा, चौटाला और भजनलाल के गढ़ भेदने में सफलता हासिल की।

http://सियासत और भाषा का गिरता स्तर

सिर्फ और सिर्फ मोदी फैक्टर

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हरियाणा में सिर्फ और सिर्फ मोदी फैक्टर चला। फैक्टर भी ऐसा चला कि विरोधी दलों के सारे दिग्गज चुनावी रण में हांफ गए। कांग्रेस को उम्मीद थी कि हुड्डा पिता-पुत्र की जोड़ी उसकी लाज बजाएंगे….लेकिन उसे ये भी नसीब नहीं हुआ। अपने ही गढ़ रोहतक और सोनीपत में पिता चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव हार गए।

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वंशवाद की राजनीति का खात्मा

इन चुनावी नतीजों से राज्य में वंशवाद राजनीति का खात्मा हो गया है क्योंकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उनके बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा, अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला, अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला, हरियाणा के पूर्व सीएम बंसी लाल की बेटी श्रुति चौधरी और भजन लाल के पोते भव्य बिश्नोई चुनाव हार गए।

क्षेत्रीय दलों का सूपड़ा साफ

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वंशवाद राजनीति के अलावा 2019 लोकसभा चुनाव में तीन क्षेत्रीय पार्टियों का भी सूपड़ा साफ हो गया है। इनमें लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी, इंडियन नेशनल लोकदल और जननायक जनता पार्टी शामिल है. लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी का गठन पूर्व भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने किया था. जबकि आईएनएलडी टूटने के बाद जननायक जनता पार्टी  बनी थी।

सारे कांग्रेसी दिग्गज हारे

मोदी नाम की आंधी में कांग्रेस के तमाम दिग्गज कु. सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव, चौ. निर्मल सिंह, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई,कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी और पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना लोकसभा चुनाव हार गए।

भारी मतों से जीते भाजपा उम्मीदवार

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आठ लोकसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की,जबकि पांच निवर्तमान सांसदों ने अपनी खुद की जीत का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा।

इनेलो-जजपा उम्मीदवारों की जब्त हुई जमानत

इनेलो विधायक दल के नेता अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला समेत पार्टी के तमाम उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। अर्जुन चौटाला कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे। जननायक जनता पार्टी के हिसार से निवर्तमान सांसद दुष्यंत चौटाला भी चुनाव हार गए। जजपा-आप गठबंधन में दुष्यंत एकमात्र ऐसे नेता हैं,जिनकी जमानत बच पाई है। 

करनाल में मिली सबसे बंपर जीत

नमो के मनो यानि नरेंद्र मोदी के मनोहर लाल खट्टर के निर्वाचन इलाके वाले संसदीय सीट करनाल में भाजपा को सबसे बड़ी जीत का तोहफा मिला। यहां से भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया ने  छह लाख56 हजार 102 मतों के भारी अंतर से चुनाव जीता

रोहतक में फंसा रहा पेंच

कांग्रेस और हुड्डा परिवार के सबसे मजबूत गढ़ रोहतक में आखिरी वक्त तक पेंच फंसा रहा। यहांदीपेंद्र सिंह हुड्डा और अरविंद शर्मा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। कभी दीपेंद्र आगे रहे तो कभी अरविंद…लेकिन आखिर में दीपेंद्र 7503 मतों के अंतर से हार गए। 

गुरुग्राम के घमासान में जीते राव इंद्रजीत

गुरुग्राम के सियासी घमासान में राव इंद्रजीत ने अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में से एक कैप्टन अजय सिंह यादव को भारी मतों से हराया। राव इंद्रजीत ने अजय सिंह यादव को तीन लाख 86 हजार 256 मतों के भारी अंतर से चुनाव हराया।

फरीदाबाद में चला कृष्णपाल का जादू

फरीदाबाद में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना और आप-जजपा गठबंधन के नवीन जयहिंद से छह लाख 38 हजार 239 मतों के अंतर से चुनाव जीते हैं। गुर्जर पिछले 2014 के चुनाव में चार लाख 66 हजार 873 मतों के अंतर से जीते थे। इस बार उन्होंने खुद अपना रिकार्ड तोड़ा है। 

हार गए भूपेंद्र सिंह हुड्डा

प्रदेश में कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेता और दो बार सूबे के मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। हुड्डा को सोनीपत में भाजपा के दूसरी बार सांसद बने रमेश कौशिक ने एक लाख 64 हजार 864 मतों के अंतर से चुनाव हरा दिया। 

अंबाला में चमके रत्नलाल

अंबाला में कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री कु. सैलजा को भी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें भाजपा के मौजूदा सांसद रत्नलाल कटारिया ने हराया। कटारिया ने सैलजा को तीन लाख 42हजार 345 मतों के अंतर से चुनाव हार गई हैं।

सिरसा के भंवर में डूबे तंवर

मोदी की सुनामी में सिरसा के चुनावी भंवर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर की चुनावी नैया भी डूब गई। उन्हें भाजपा की सुनीता दुग्गल से करारी शिकस्त दी। दुग्गल को तंवर ने तीन लाख नौ हजार 918 मतों के अंतर से चुनाव हार गए।

बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी हारीं

भिवानी-महेंद्रगढ़ में पूर्व सीएम बंसीलाल की पौत्री एवं कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें भाजपा के धर्मबीर सिंह से चार लाख 44 हजार 463मतों के भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा। धर्मबीर भिवानी से लगातार दूसरी बार सांसद बने हैं।

सफल रहा बृजेंद्र का सियासी डेब्यू

हिसार में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आइएएस बेटे बृजेंद्र सिंह चुनाव जीत गए हैं। यह उनका पहला चुनाव था। बृजेंद्र सिंह ने यहां जजपा के निवर्तमान सांसद दुष्यंत चौटाला और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई को तीन लाख 14 हजार 068 मतों के भारी अंतर से चुनाव हराया है। 

कुरुक्षेत्र के रण में जीते नायब

कुरुक्षेत्र में मनोहर सरकार में राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी चुनाव जीत गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को तीन लाख 84 हजार 591 मतों के भारी अंतर से चुनाव हराया है।