महंगे हो जाएंगे टाटा, महिंद्रा समेत कई कंपनियों के वाहन, घर खरीदना होगा सस्ता

एक अप्रैल यानी आज से कई चीज़ों के दाम में बदलाव हो गया है,  टाटा, महिंद्रा और रेनॉ अपनी कारों की क़ीमतों में इज़ाफा कर रहे हैं। टाटा अपनी सभी कारों के दाम 25000 तक बढ़ा रही है जिसमें टाटा की टिगॉर, टिआगो, नेक्सान, हेक्सा और हाल ही में लांच हुई हैरियर शामिल हैं। महिंद्रा की गाड़ियां 5000 से 73000 रुपये तक महंगी हो जाएंगी। रैनॉ अपनी सबसे कामयाब कार क्विड की कीमत 3 फ़ीसद बढ़ा रही है। यानी गाड़ी ख़रीदने वालों की जेबें हल्की होंगी। टाटा मोटर्स ने अपने वाहनों के दाम एक अप्रैल से 25 हजार रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की थी। कंपनी ने लागत खर्च बढ़ने तथा बाह्य आर्थिक परिस्थितियों को कीमतें बढ़ाने का कारण बताया था। कंपनी अभी नैनो से लेकर प्रीमियम एसयूवी हेक्सा तक बेचती है जिनकी कीमत 2.36 लाख रुपये से 18.37 लाख रुपये तक है।

पिछले हफ्ते की थी घोषणा

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महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी अपने वाहनों की कीमतें अप्रैल से पांच हजार रुपये से 73 हजार रुपये तक बढ़ाने की पिछले सप्ताह घोषणा की थी।कंपनी ने कहा था कि वाहनों की कीमतों में अप्रैल से 0.5 प्रतिशत से 2.7 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। कंपनी के अध्यक्ष (वाहन क्षेत्र) राजन वढेरा ने बयान में कहा था, ‘इस साल जिंस के दाम में रिकार्ड वृद्धि देखी गयी। इसके अलावा एक अप्रैल से नियामकीय जरूरतों को पूरा करना है। इससे लागत बढ़ेगी। हमने अपनी लागत को कम करने के लिये प्रयास किये हैं, लेकिन कीमत वृद्धि को रोकना संभव नहीं रह गया है। ‘ निसान इंडिया डैटसन गो और गो प्लस के दाम एक अप्रैल से चार प्रतिशत तक बढ़ाने वाली है। फ्रांस की कार कंपनी रेनो अप्रैल से क्विड ( kwid) के दाम तीन प्रतिशत बढ़ाएगी। इनके अलावा टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भी नये वित्त वर्ष से कुछ मॉडलों के दाम बढ़ाने की घोषणा की है।

विजय बैंक, देना बैंक का एक अप्रैल से बैंक आफ बड़ौदा में विलय

विजया बैंक और देना बैंक ( सरकारी बैंक) का एक अप्रैल से बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो जाएगा। इन दोनों बैंकों के विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। इस विलय के बाद विजया बैंक और देना बैंक की सभी शाखाएं सोमवार से बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं के तौर पर काम करने लगेंगी। विलय की योजना के तहत विजया बैंक के शेयर धारकों को प्रत्येक एक हजार शेयरों के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 402 शेयर मिलेंगे। देना बैंक के शेयरधारकों को उनके प्रत्येक एक हजार शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 110 शेयर मिलेंगे। विलय के बाद संयुक्त निकाय का कारोबार 14.82 लाख करोड़ रुपये का होगा। यह भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। इस विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या कम होकर 18 रह जायेगी।

नये वित्त वर्ष से जिनकी आय पांच लाख से कम है वो इनकम टैक्स के दायरे से बाहर हो जाएंगे और सही जगह निवेश करके आप 10 लाख तक की आय को टैक्स फ्री कर सकते हैं।

5 लाख तक आय पर टैक्स नहीं

सेक्शन 80c में छूट – 1.5 लाख
स्टैंडर्ड डिडक्शन – 50 हज़ार
एनपीएस योगदान पर छूट – 50 हज़ार
हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट – 50 हज़ार
होम लोन पर ब्याज में छूट – 2 लाख

नये घरों पर जीएसटी में बदलाव

नये घरों पर जीएसटी की दरों में बदलाव लागू होगा। जो घर बन रहे हैं उन्हें खरीदने पर जहां 12% जीएसटी लगती थी वो अब सिर्फ़ 5% देनी होगी। किफ़ायती श्रेणी के घर पर 1% GST देनी होगी। इसका फायदा नये घर खरीदारों को मिलेगा। अब नयी परियोजनाओं पर किफायती आवास श्रेणी में एक प्रतिशत तथा अन्य आवासीय श्रेणियों के लिये इनपुट टैक्स क्रेडिट सुविधा के बिना पांच प्रतिशत की दर से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा। नये नियमों के तहत बिल्डरों को मौजूदा निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं के मामले में पुरानी दर से कर देने का एकबारगी विकल्प दिया जायेगा। ऐसी सस्ती आवासीय परियोजनाओं के लिये इनपुट टैक्स क्रेडिट सहित आठ प्रतिशत और अन्य श्रेणी की आवासीय परियोजनाओं के लिये इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी का भुगतान किया जा सकेगा। इनमें उन परियोजनाओं को शामिल किया गया है जहां निर्माण कार्य और वास्तविक बुकिंग का काम एक अप्रैल 2019 से पहले शुरू हो चुका है और जो परियोजनायें 31 मार्च 2019 से पहले पूरी नहीं हो पायी हैं।