Himachal Government opened treasury for employees- चुनाव से पहले राज्य सरकार ने कर्मचारियों को दिये तोहफे

CM JAIRAM
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Himachal Government opened treasury for employees-हिमाचल प्रदेश में अगले साले विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले जयराम सरकार ने कर्मचारियों के लिए खजाना खोल दिया है. हिमाचल सरकार (Himachal Government) ने 1 जनवरी 2016 से अपने कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग (6th Pay Commission) के अनुसार नए वेतनमान की घोषणा की है. जबकि कर्मचारियों को जनवरी 2022 का फरवरी में संशोधित वेतनमान मिलेगा. इससे राज्‍य पर करीब 6000 करोड़ का भार पड़ेगा. हालांकि हिमाचल की अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं चल रही है और सरकार करीब 62 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डूबी है. इसके लिए 250 करोड़ का बजट खर्च होगा.

सरकार को उठाना होगा 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ

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  • मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इन नए वेतनमानों और संशोधित पेंशन से राज्य के खजाने पर सालाना 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
  • जेसीसी की बैठक में दो सौ से अधिक कर्मचारी नेता जुटे. इसके अलावा करीब 50 अधिकारी भी शामिल हुए थे.
  • छठे वेतन आयोग के जारी होने के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए लगभग 50 फीसदी बजट खर्च होगा. इससे पहले राज्य में कुल बजट का 42 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च होता था. राज्य के कुल बजट में कर्मचारियों व पेंशनर्स की हिस्सेदारी में 8 प्रतिशत इजाफा होगा.
  • जेसीसी के फैसले का हिमाचल के करीब पौने तीन लाख कर्मचारियों का फायदा मिलेगा.

Himachal Government opened treasury for employees-दो साल में पक्के होंगे कॉन्ट्रेक्ट कर्मी

  • एनपीएस कर्मचारियों को अन्य पेंशन लाभ में निवेश की छूट दी है और विभाग में 27 हजार पदों को भरने की अनुमति दी है.
  • 1 जनवरी 2016 से नए वेतनमान देंगे, जो कि वर्ष 2022 के फरवरी से देय होगा. प्रदेश के पेंशनरों को भी 6 हजार अतिरिक्त मिलेगा. जबकि सुपरिंटेंडेट ग्रेड-वन के लिए सरकार विचार करेगी.
  • सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों की नियमितीकरण की अवधि तीन से घटाकर दो साल की.
  • दैनिक वेतन भोगी को रेगुलर करने के लिए एक साल कम किया. मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए 10 करोड़ बजट जारी होगा.
  • पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर चुकी है. हिमाचल वेतनमान के मामले में पंजाब से जुड़ा है. हिमाचल का अपना अलग वेतन आयोग नहीं है. केंद्र अपने कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान दे चुका है.

कर्मचारियों की मांगों पर विचार के लिए बनेगी कमेटी

  • कर्मचारियों की अन्य मांगों पर विचार करने के लिए एक कमेटी बनेगी और अन्य मसलों पर भी सरकार गंभीरता से विचार करेगी.
  • करुणामूलक आधार पर नौकरी के मसलों को सुलझाने के लिए पहले ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है. उसकी रिपोर्ट अगली कैबिनेट में जाएगी.
  • जनजातीय कर्मचारियों को लाभ देने पर विचार करेंगे. जनजातीय क्षेत्रों में दिहाड़ीदारों को जनजातीय भत्ते देने पर भी विचार करेंगे.
  • स्टेनो टाइपिस्ट को 10 से सात साल में रेगुलर करने को आरएंडपी रूल में संशोधन करेंगे.
  • राज्य सरकार के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 5 मई, 2009 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, सीएम ठाकुर ने 15 मई 2003 से प्रभावी नई पेंशन प्रणाली के कार्यान्वयन की भी घोषणा की. इससे राज्य के खजाने पर लगभग 250 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
  • जेसीसी मीटिंग में आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर कोई घोषणा नहीं की है.