किताब लिखने के लिये फिर से कैंसर को याद करना पड़ा:-मनीषा कोइराला

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने कैंसर पर किताब लिखी है। किताब का नाम है ‘हील्ड: हाउ कैंसर गेव मी ए न्यू लाइफ’ । कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जंग लड़कर बाहर निकलने वाली मनीषा के लिये यह आसान नहीं था कि वह अपने बीते उन कष्टदायी दिनों को फिर से याद करें। मनीषा का कहना है कि ‘हील्ड’ लिखते समय अपने कैंसर के दौर को फिर से याद करना एक ‘कष्टप्रद’ अनुभव था लेकिन वह दुनिया को अपनी कहानी बताना चाहती थी ताकि इससे कैंसर से जूझ रहे लोगों को प्रेरणा व सहयोग मिल सके।


इस किताब में अभिनेत्री ने कैंसर से जंग लड़ने के अपने अनुभवों को साझा किया है। मनीषआ को 2012 में गर्भाशय के कैंसर का पता चला था, जिस पर वह जीत हासिल कर चुकी हैं। 2013 से मनीषा कोईराला कैंसर-मुक्त हैं।


मंगलवार को मनीषा कोइराला की किताब ‘हील्ड: हाउ कैंसर गेव मी ए न्यू लाइफ’ लॉन्च हुई। इस दौरान पत्रकारों से मनीषा ने कहा कि किताब के लिए कैंसर के उस जानलेवा दौर को फिर से याद करना बेहद मुश्किल और दर्दभरा था।


मनीषा का कहना है कि किताब को असलियत में रगने के लिये सब कुछ याद करना पड़ा, फिर से उस दौर में जाना पड़ा और उसे अनुभव करना पड़ा, जो सही मायनों में दर्दनाक था। मनीषा ने कई बार तो किताब लिखना ही बंद कर दिया था क्योंकि उन्हें लगता था कि वह इसे पूरा नहीं कर पाएंगी।

मनीषा कहती हैं कि मैं अक्सर सोचती थी कि यह एक गलत विचार है कि मुझे लिखने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

फिल्म उद्योग से मनीषा के कई दोस्तों ने उन्हें समर्थन दिया। दुख की घड़ी में जो लोग मनीषा के साथ खड़े रहे उनमें रेखा, अनुपम खेर, जैकी श्रॉफ, भाग्यश्री, महेश भट्ट, इम्तियाज अली और दिया मिर्जा जैसी हस्तियां शामिल हैं।

‘हील्ड: हाउ कैंसर गेव मी ए न्यू लाइफ’ के को राइटर नीलम कुमार है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने इस किताब को प्रकाशित किया है।

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