हनुमान जयंती के साथ हुआ श्रीराम महोत्सव कार्यक्रमों का समापन: विहिप

हनुमान जयंती आज मनाई गई। हनुमान जयंती के मौके पर विश्व हिन्दू परिषद द्वारा देश भर में आयोजित किए गए श्रीराम महोत्सव कार्यक्रमों का आज समापन हो गया। वर्ष प्रतिपदा यानि नव-वर्ष के प्रथम दिवस (13 अप्रैल) से प्रारंभ हुए 15 दिवसीय श्री राम महोत्सव कार्यक्रमों को देश के लाखों गांवों व शहरी क्षेत्रों में आयोजित किया गया। कहीं राम कथा, कहीं अखंड रामायण का पाठ, कहीं हनुमान चालीसा, कहीं सुंदर पाठ, तो कहीं राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के अनुभव कथन के रूप में कार्यक्रम सम्पन्न हुए।

हनुमान जयंती, कोरोना गाइडलाइनंस को अपनाया

इन कार्यक्रमों में सभी मत-पंथ-संप्रदाय के श्रद्धालुओं ने कहीं सामूहिक सत्संग के रूप में तो कहीं पारिवारिक या व्यक्तिगत रूप से भाग लिया। कोरोना महामारी से बचने हेतु स्थानीय शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही इन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कारण कहीं भी बड़े कार्यक्रम यथा, शोभा यात्राएं, सभाएं, विशाल सत्संग इत्यादि नहीं हो सके।

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कहीं भोजन, काढ़ा व सेनेटाइजर वितरित हुए

अनेक स्थानों (विशेषकर शहरी क्षेत्रों) में ये कार्यक्रम अधिकतर ऑनलाइन, व्यक्तिगत व पारिवारिक स्तरों पर ही आयोजित हुए। अधिकांश स्थानों पर ये कार्यक्रम स्थानीय सेवा कार्यों में ही अपरिणीत हो गए। कहीं भोजन, काढ़ा व सेनेटाइजर वितरित हुए तो, कहीं, रक्तदान शिविर, ऑक्सीजन सेवा, कोरोना टीका शिविर इत्यादि आयोजित हुए। इस उपलक्ष्य में बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा कोविड अस्पतालों में सेवा तथा अंतिम संस्कार में सहयोग के कार्य अनुपम रहे।  

हनुमान जयंती, राम भक्तों को सम्मानित

अनेक कार्यक्रमों में श्री राम मंदिर निधि समर्पण अभियान तथा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े राम भक्तों को सम्मानित भी किया गया। लोगों ने आंदोलन व अभियान के अपने सुखद व प्रेरणादायी अनुभवों को भी समाज के बीच साझा किया। कार्यक्रमों में जहां एक ओर भगवान श्रीराम की जन्म भूमि पर बन रहे मंदिर की भव्यता के शीघ्र दर्शनों की तो वहीं दूसरी ओर प्रभु राम से कोरोना नामक इस वैश्विक महामारी से शीघ्र मुक्ति की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर वीर बजरंगी श्री हनुमान जी का आह्वान करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने आज एक यज्ञ कर सभी के कुशल-क्षेम की कामना करते हुए कोरोना संकट से मुक्ति हेतु प्रभु से प्रार्थना भी की।